बबीना नहर प्रणाली में 150 हेक्टेअर भूमि की आवश्यकता है। इस कार्य में सात सौ किसान परिवारों की भूमि आ रही है। भूमि के रेट 25 दिसंबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तय हो चुके हैं। प्रत्येक किसान को सर्किल रेट व 2.76 लाख प्रति एकड़ वार्षिकी दिया जाना है। मगर, इसी बीच केंद्र सरकार ने किसानों की अधिग्रहण की जाने वाली भूमि की मुआवजा राशि चार गुना बढ़ा दी है। नई नीति के हिसाब से अब बबीना नहर प्रणाली के प्रभावित किसानों को चार गुना सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जाएगा।
चूंकि, सिंचाई विभाग बीस हेक्टेयर भूमि की छह माह पूर्व मुआवजा देकर रजिस्ट्रियां करा चुका है, इस कारण अब विभाग छह माह पूर्व के रेट से ही चार गुना मुआवजा देने को तैयार है। उस समय सात लाख रुपये एकड़ मुआवजा देकर रजिस्ट्रियां कराई गई थीं। चार गुना रेट बढ़ने के बाद भी अब संबंधित क्षेत्र के किसान छह माह पूर्व के रेट लेने को तैयार नहीं है। वह वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा मांग रहे हैं।
पिछले दिनों बुंदेलखंड किसान मोर्चा के अध्यक्ष महेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान मुख्य अभियंता परियोजना से मिलकर अपनी मांग से अवगत करा चुके हैं। हालांकि, सिंचाई विभाग ने किसानों की मांग की रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास भेज दी है। किसानों की इस मांग पर बुंदेलखंड किसान मोर्चा के अध्यक्ष ने कहा कि अगर वर्तमान रेट के हिसाब से मुआवजा नहीं मिला तो किसान सिंचाई कार्यालय घेरने को मजबूर हो जाएंगे।
वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अविनाश मिश्रा के अनुसार नए रेटों का निर्धारण होने के बाद ही अब किसानों की जमीन ली जाएगी। किसानों को किस हिसाब से मुआवजा मिलेगा यह फैसला जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी करेगी।
मालूम हो कि बबीना ब्लाक के नौहरा, बड़ौरा, बघौरा, बैदोरा, घिसौली, बबीना, पुरा, पृथ्वीपुरा नया खेरा, सुकुवां, सिमिरिया, लहर ठकुरपुरा, रसीना, मानपुरा, कोटी व सैकर ग्रामों के किसानों की जमीन बबीना नहर प्रणाली में आ रही है।