वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के ऐतिहासिक किले की सुरक्षा व्यवस्था अब हाईटैक तरीके से होगी। यहां सीसीटीवी कैमरे से जहां हर सब पर नजर रखी जाएगी, वहीं मेटल डिटेक्टर से हर आने-जाने वाले को जांचा जाएगा। ऑटोमेटिक बैरियर लगाकर किले के अंदर वाहनों का प्रवेश रोका जाएगा।
देश के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख गवाह किला को देखने के लिए प्रतिदिन सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटक और स्थानीय लोग आते है, जिनकी सुरक्षा और चेकिंग के लिए निजी सिक्योरिटी गार्ड तैनात है। कई मर्तबा प्रभावशाली अधिकारियों एवं नेताओं के चार पहिया वाहन किला में प्रवेश कर जाते है। ऐेेसे में एतिहासिक स्थल पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध न लगे और अराजक तत्व प्रवेश न कर पाये इसके लिए इन अत्याधुनिक सुरक्षा मशीनों की खरीद की जा रही है। केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने इसके लिए 12 लाख रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया है और वर्तमान में इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है।
केंद्रीय पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षण सहायक इंजीनियर पीकेके रेड्डी के अनुसार यह मशीनें जल्द से जल्द लग जाएगी, जो लखनऊ से आएगी। वहीं किला में चार कैमरे लगेंगे। उनके अनुसार किला के शिव मंदिर और आमोद गार्डन में विकास कार्य होगा।