झांसी। महानगर के ऐतिहासिक किला और रानी महल के दरवाजे सोमवार को सैलानियों के लिए खोल दिए गए। रिमझिम बरसात और सुहावने मौसम में सैलानियों ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन से जुडे़ स्थलों को देखा और मौसम का लुत्फ उठाया। हालांकि सोमवार को सैलानियों काफी कम संख्या में आए।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित किला में 70 और रानी महल में सैलानियों की संख्या शून्य रही। गौरतलब है कि कोरोना वायरस से बचाव के कारण 17 मार्च के बाद से बंद कर दिए गए थे। ऐसे में दूर दराज से आए सैलानियों को वापस लौटना पड़ा था। अब शासन के निर्देश पर सभी प्राचीन स्मारक खोल दिए गए हैं। सैलानियों को पहले दिन सोमवार को प्रवेश कराने से पूर्व उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। प्रवेश के लिए ई टिकट सैलानियों ने लिया। इस दौरान किला के कर्मचारियों ने द्वार पर ही सैलानियों को मूर्तियां एवं तोप न छूने सहित कई अन्य आवश्यक हिदायतें भी दीं।
होटलों व गेस्ट हाउसों से मांगी जानकारी
पर्यटन मंत्रालय नेशनल डाटा बेस योजना तैयार कर रहा है। ऐसे में जिले के सभी होटलों एवं गेस्ट हाउसों से जानकारी तलब की है कि उनके यहां कोरोना वायरस से बचाव के क्या बंदोबस्त है। इसके साथ ही यह भी जानकारी मांगी गई है कि कितने कक्ष हैं और क्या - क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटन विभाग ने प्राचीन स्मारकों में भ्रमण करने वाले सैलानियों से अपील की है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखें और मास्क का अवश्य उपयोग करें।