झांसी। कानपुर में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या करने के बाद फरार चल रहे दहशतगर्द विकास दुबे की बड़ी संपत्ति सामने आई है। विकास के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी पुलिस के सामने माफियाओं के बड़े खुलासे हो रहे हैं। अब बुंदेलखंड में भी माफियाओं, गैगेस्टर और टॉपटेन अपराधियों की संपत्ति जांची जा रही है। पुलिस को जो जानकारी मिली है उसके हिसाब से कई अपराधी खाकपति से लाखपति हो गए हैं। बड़े शहरों में आलीशान मकान हैं। किसी ने पत्नी तो किसी ने बच्चों के नाम से संपत्ति इकट्ठा कर रखी है। अब इस संपत्ति को जब्त करने की तैयारी की जा रही है। बाकायदा इसके लिए तेज तर्रार पुलिस अफसरों की टीम लगा दी गई है।
झांसी में टॉपटेन सूची में शामिल अपराधियों में कई ऐसे हैं जिन्होंने झांसी से बाहर भी संपत्ति जमा कर रखी है। बड़े शहरों में इनके फ्लैट हैं। खनन माफियाओं ने तो करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है। कानपुर में आठ पुलिस वालों की हत्या के बाद अपराधियों पर शुरू हुई कार्रवाई बुंदेलखंड तक पहुंच रही है। यहां सभी माफियाओं का खुफिया इनपुट जुटाया जा रहा है। पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि इन माफियाओं की संपत्ति जब्त करने की तैयारी की जा रही है। शुरूआत झांसी के 17 खनन माफियाओं से होगी। झांसी, ललितपुर और उरई के गैंगेस्टर भी पुलिस के निशाने पर हैं। पहले चरण में पुलिस को 7 अपराधियों की सूची मिली है जिन्होंने कुछ ही दिनों में काफी संपत्ति बना ली है।
मंडल भर में चलेगा स्पेशल आपरेशन
आईजी सुभाष सिंह बघेल ने आज पुलिस अधिकारियों की मीटिंग में अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए सभी पुलिस अफसरों को निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि वह अपने अपने क्षेत्र में निगहबानी तेज करें। नियमित चेकिंग की जाए। ऐसे बदमाशों की भी सूची बनाई जाए जो जिले से बाहर क्राइम कर रहे हैं। आईजी ने बताया कि भूमाफियाओं पर भी अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। थानेवार ऐसे मामलों को सूचीबद्ध किया जा रहा है।
झांसी
गैंगेस्टर-26
हिस्ट्रीशीटर-102
खनन माफिया-17
ललितपुर
गैंगेस्टर-11
हिस्ट्रीशीटर-72
उरई
गैंगेस्टर-31
हिस्ट्रीशीटर-127