झांसी। केन-बेतवा लिंक परियोजना से खपरार एवं सपरार बांध को भी नई जिंदगी मिलेगी। पिछले कई साल से यह बांध नहीं भरे जा सके। इससे मऊरानीपुर समेत आसपास के इलाकों में खेतों को पानी नहीं मिल पाता। नई योजना में इन दोनों बांधों को बेतवा लिंक परियोजना से जोड़ने की मंजूरी मिली है। इसकी मदद से दस हजार हेक्टेयर इलाके को सिंचाई का पानी मिलने के साथ ही पीने का पानी भी मिल सकेगा।
पिछले एक दशक से बुंदेलखंड में औसत बारिश का ग्राफ लगातार घटता जा रहा है। बारिश में कमी आने से जमीन के सूखने के साथ बांध भी नहीं भर पाते। केन-बेतवा लिंक परियोजना को इजाजत मिलने से अब बुंदेलखंड की इस समस्या के खत्म होने की उम्मीद है। सिंचाई अभियंताओं का कहना है केन-बेतवा नदी जोड़ने की इस परियोजना से न सिर्फ पीने का पानी मिलेगा बल्कि वर्षों से सूखे पड़े रहने वाले बांध भी भरे जा सकेंगे। अधीक्षण अभियंता शीलचंद्र उपाध्याय के मुताबिक केंद्रीय जल आयोग ने झांसी के बांध भी भरने की इजाजत दी है।
इसकी मदद से खपरार नदी पर बना खपरार बांध एवं सपरार नदी पर बना सपरार बांध भी भरा जाएगा। सपरार बांध पिछले बार वर्ष 2017 में ही पूरा भर सका था। उसके बाद अभी तक यह पूरा नहीं भर सका है। सपरार बांध का कुल जलस्तर 224.64 मीटर है। इसमें 76.22 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी भरा जा सकता है लेकिन, सिर्फ 11.75 एमसीएम पानी ही भरा जा सका। पिछले पांच साल से यह भरा नहीं जा सका। इस वजह से इससे सिर्फ कुछ ही दिनों तक पीने का पानी मिल पाता है। जबकि सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता। यही हाल खपरार बांध का भी है। अधीक्षण अभियंता का कहना है इस बांध को भरने के लिए लिंक कैनाल बनाई जाएगी। इसका डीपीआर तैयार कराया जा रहा।