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कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की होगी जांच

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शिक्षक - फोटो : ??????
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झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों को लेकर चल रही जांच प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। अब कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षिकाओं के मूल शैक्षिक अभिलेख विश्वविद्यालयों एवं संबंधित बोर्डों से सत्यापित कराए जाएंगे। वहीं, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने विभाग के राजकीय एवं अनुदानित कॉलेजों से जानकारी तलब की है कि उनके यहां आगरा विश्वविद्यालय के 2004 -05 सत्र के बीएड डिग्री धारी कितने शिक्षक कार्यरत है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों को लेकर मामला गहराया हुआ है। जांच के लिए प्रदेश स्तर पर टीम गठित की हुई है, जो प्रत्येक पहलू पर जांच कर रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि जो लोग पढ़ा रहे है, वह ही चयनित शिक्षक है कि नहीं। जिले में नौ कस्तूरबा विद्यालय है, जिनमें 113 पद भरे है। साथ ही शिक्षकों की बीएड डिग्री भी जांची जा रही है। गौरतलब है कि झांसी में छह शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई थी। यह शिक्षक वर्ष 2005 के दौरान नियुक्त हुए थे। इनमें पांच का स्थानांतरण प्रदेश के अन्य जिलों में हो गया था। इनके बीएड की डिग्री आगरा विश्वविद्यालय की थी। जबकि एक शिक्षक जो कि बामौर में तैनात था, उसकी वर्ष 2019 में सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसकी बीएड की डिग्री बीयू की बताई जा रही है। यह सभी शिक्षक एसटीएफ की जांच एवं शिकायतों पर पकडे़ गए थे। इधर बुधवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की लगभग सभी शिक्षक - शिक्षिकाओं ने अपने अभिलेख जमा करा दिए।
शिक्षकों व कर्मचारियों में है कौतूहल
बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों एवं शिक्षकों में कौतूहल इस बात को लेकर है कि किस वर्ष से नियुक्त शिक्षकों की जांच होगी। विभाग का कहना है कि सत्यापन की व्यवस्था वर्ष 2005 के बाद से शुरू हुई थी। अभी तक पकडे़ गए लगभग सभी मामले भी वर्ष 2005 के दौरान हुए नियुक्त शिक्षकों के है। वर्तमान में किसी शिक्षक के खिलाफ जांच नहीं चल रही है।
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हाजिरी पंजिका पर दर्ज होती है उपस्थिति
प्राइमरी एवं उच्च प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति हाजिरी पंजिका पर दर्ज होती है। वहीं, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में शिक्षक - शिक्षिकाओं की उपस्थिति वर्तमान में प्रेरणा एप के पोर्टल पर दर्ज हो रही है। इन्हें मोबाइल से सेल्फी लेकर एप में भेजनी पड़ती है। इन विद्यालयों में बायोमेट्रिक्स सत्यापन की भी व्यवस्था है। विभाग के अनुसार कस्तूरबा विद्यालयों में 85 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की जा रही हैं।
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