झांसी। नगर निगम में सोलर प्लांट की आड़ में डीजल का खेल चल रहा है। लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निगम में लगाए गए सोलर प्लांट से बिजली का उपभोग नहीं किया जा रहा है। जबकि जनरेटर के लिए रोज 45 लीटर डीजल की पर्ची दी जा रही है। इसे लेकर पार्षद ने सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
नगर निगम में दो साल पहले बिजली बचत करने और खर्च कम करने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से सोलर प्लांट लगाया गया था। इससे बनने वाली बिजली का उपयोग निगम के कार्यालय में किया जाता। इसके बाद भी नगर निगम में बिजली कटौती पर जनरेटर का प्रयोग किया जा रहा है। डीजल के नाम पर रोज 45 लीटर की पर्ची दी जा रही है। वार्ड नंबर 50 के पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार ने इसे लेकर महापौर को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि निगम में लगे सोलर प्लांट की कोई उपयोगिता ही नहीं है। सोलर प्लांट होने के बाद भी रोज 45 लीटर डीजल खर्च किया जा रहा है। इससे नगर निगम को हर साल लाखों रुपये की चपत लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मैथिलीशरण गुप्त पार्क में भी लगा सोलर प्लांट अब तक शुरू नहीं हुआ है।