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करवा चौथ पर रात 8:30 बजे होंगे चंद्रमा के दर्शन

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झांसी। अखंड सुहाग की कामना और सुख समृद्धि का विशेष पर्व करवा चौथ चार नवंबर को मनाया जाएगा। महिलाएं दिन भर निर्जल व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना करेगी। करवा चौथ की पूजा के लिए सुहागिनों को रात चंद्रमा के दर्शन 8:30 बजे से होगा। इस दौरान मृगशिरा नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा।
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सुहागिन महिलाओं के लिए उनके जीवन में करवा चौथ का पर्व महत्वपूर्ण रहता है। यह पर्व कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को उत्साह से मनाया जाता है। देश में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों की तरह बुंदेलखंड में भी यह पर्व मनाया जाता है। चंद्र दर्शन एवं करवा चौथ पर मां गौरी की पूजा के बाद ही व्रत रखने वाली महिलाएं जल ग्रहण करती है। महंत विष्णु दत्त स्वामी ने बताया कि चंद्रमा रात 8:30 बजे निकलेगा।
बाजार में शक्कर के करवा की बढ़ी मांग
करवा चौथ पर्व के रंग में बाजार रंगने लगा हैं। मिट्टी के करवां के साथ ही मुरादाबादी पीतल और कांसा के करवा भी महिलाओं के लिए आकर्षण बने है। पीतल के करवा 150 से लेकर 570 तक और कांसा के करवा 400 से बिक्री शुरू है। महानगर की कई दुकानों में शक्कर के करवा की खरीदारी महिलाओं द्वारा की जाने लगी है। शक्कर के करवा व्यापारी राम किशन के अनुसार शक्कर के करवा की बढ़ी मांग रहती है। यह पंद्रह से बीच रुपये का है। झांसी से आसपास के कई जिलों में इनकी सप्लाई होती है। हालांकि इस बार करवा के दामों में पांच से दस रुपये की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन मांग में कोई कमी नहीं है।
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पवित्र कार्तिक का महीना एक नवंबर से
इस बार अधिक मास (अतिरिक्त महीना) पड़ने से कार्तिक महीना भी खास होगा। कार्तिक के महीना में महिलाएं नित्य भोर स्नान कर भगवान श्री कृष्ण की पूजा आराधना करेगी और व्रत भी रखेगी। कार्तिक के गीत भी घर - घर गाए जाएंगे। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार कार्तिक का पहला स्नान 31 अक्तूबर की रात से शुरू होगा। यह पवित्र महीना एक नवंबर से शुरू होगा और 30 नवंबर तक रहेगा।
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