मंदिरों मेें मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा भाव से मनाया गया। मंदिरों में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। महाआरती की गई। पर्व पर भगवान के दिव्य स्वरूपों के दर्शनों के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमडे़ और मंदिर परिसर में दीप प्रज्ज्वलित किए।
श्री सिद्धेश्वर मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर युवा ब्राह्मण महासंघ की ओर से तुलसी जी के चारों ओर 1001 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। भगवान विष्णु का श्रृंगार कर महिलाओं ने कार्तिक के गीत गाए। इस अवसर पर महा आरती की गई। कार्यक्रम में आचार्य हरीओम पाठक, रवीश त्रिपाठी, संजीव शर्मा, महेश पांडेय, कमलेश मिश्रा, जगदीश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
इधर, बड़ागांव गेट पुलिस चौकी स्थित श्री हनुमान मंदिर में हनुमान जी की 108 बातियों से महाआरती की गई। स्थानीय कलाकारों ने मोहक भजन गाए। इस अवसर पर कालीचरण जारौलिया, श्रीराम पुरोहित, जुगल किशोर आदि मौजूद रहे। वहीं, कार्तिक पूर्णिमा पर इस्कॉन मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित किए गए।
भिक्खुओं को चीवर किया दान
कार्तिक पूर्णिमा पर उपालि बुद्ध विहार में वर्षावास का पूर्ण समापन कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर बौद्ध धर्म के श्रद्धालुओं ने भिक्खुओं को चीवर और आवश्यकता की वस्तुएं दान कीं। कार्यक्रम में भंते उपालि थेरो ने कहा कि वर्षाकाल के चार माह संयम और साधना के होते हैं। सारनाथ में कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही पंच वर्गीय भिक्खुओं को भगवान बुद्ध ने प्रथम उपदेश दिया था। कार्यक्रम का संचालन भिक्खु डा. सुमेध थेरो ने किया।
इंद्रियों को जीतना ही संयम धर्म
राजगढ़ स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विश्व शांति महायज्ञ का समापन हुआ। सिद्ध चक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के बीच अर्घ्य दिया। पंडित विनोद कुमार शास्त्री ने कहा कि इंद्रियों को जीतना ही सच्चा संयम धर्म है। इस अवसर पर कुलदीप जैन, यूथप सराफ, प्रीति सराफ, अंकित सराफ, मुकेश सराफ, अतुल सराफ आदि मौजूद रहे।