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कर्जा चुकाने के लिए लूटपाट कर वृद्घा को उतारा था मौत के घाट

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झांसी। बीते बुधवार को थाना बड़ागांव क्षेत्र के जौरी बुजुर्ग गांव में लूटपाट के बाद वृद्घा की मौत के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटा माल भी पुलिस ने बरामद किया है। घटना के समय वृद्घा के जागने पर आरोपियों ने वृद्घा का मुंह रजाई से दबाकर हत्या के बाद लूटपाट कर सभी भाग निकले थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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एसपी सिटी विवेक कुमार त्रिपाठी व सीओ सदर हिमांशु गौरव ने बताया कि बुधवार की रात जौहरी बुजुर्ग गांव निवासी मनोज कुमार गुप्ता की मां मनोरमा गुप्ता घर पर अकेलीं थीं। उनका पुत्र मनोज कोचिंग पढ़ाने गया था। रात में जब वह वापस लौटे तो मां मृत अवस्था में जमीन पर पड़ी थीं। मुंह से खून निकल रहा था। कमरे में रखा सामान भी बिखरा हुआ था। कुछ जेवरात व रुपये भी कमरे में रखे बक्से से गायब थे। मामला दर्ज कर पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई थी। घटना का खुलासा करने के लिए एसएसपी ने निर्देश दिए थे। छानबीन दौरान गांव के तीन युवकों पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने गांव के मोहर सिंह कुशवाहा, संदीप राजपूत, पारीछा कॉलोनी के पास रहने वाले विशाल उर्फ बॉबी रायकवार, ध्वानी गांव निवासी राजदीप सिंह, हेमंत राजपूत व चिरगांव के खिड़कीपुरा निवासी अरविंद प्रजापति को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में तीनों ने बताया कि सभी आपस में दोस्त है। काम धंधा न होने के चलते सभी पर कर्जा हो गया था। इसके चलते मोहर सिंह, संदीप व हेमंत ने मनोज गुप्ता के घर लूटपाट की योजना बनाई। इसमें अपने तीनों साथियों को भी शामिल किया। पुत्र के रात को ट्यूशन पढ़ाने जाने के दौरान सभी घर में घुसे। लूटपाट के दौरान सोते समय मनोरमा गुप्ता की आंख खुल गई। पहचान के डर से सभी ने रजाई मुंह पर रखकर हत्या कर दी। कमरे में रखा जेवरात व साठ हजार रुपये लेकर भाग निकले थेे। पुलिस ने लूटा गया 125 ग्राम सोना, करीब तीन किलो चांदी व साठ हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना मेें शामिल मुन्ना व संतोष फरार हैं। इनको पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है। टीम में बड़ागांव प्रभारी निरीक्षक रवींद्र कुमार त्रिपाठी, एसआई दिग्विजय सिंह, महेंद्र कुमार, प्रवीन कुमार शामिल रहे।
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छह माह पहले बनी थी योजना
बताया गया है कि छह माह पहले लूट की योजना बनाई थी, लेकिन सभी घटना करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। समय बीतने के साथ ही कर्जा लगातार बढ़ने लगा। इसके बाद पुन: सभी योजना बनाकर घटना कर भाग निकले थे।
गिरवी रखते थे जेवरात
आरोपियों ने बताया कि मनोरमा गुप्ता के घर वाले गिरवी रखने का काम करते हैं। यह बात पूरा गांव जानता है। आरोपियों जानते थे कि उनके घर में माल हैं। इसके चलते सभी ने लूटपाट की योजना बना डाली। घटना को अंजाम देकर पूरा माल राजदीप के घर में छिपा दिया था। इसके बाद अपने-अपने घर चले गए थे।
भागते समय गांव वालों ने देख लिया था
घटना को अंजाम देकर घर से निकलते समय मोहर व संदीप को गांव वालों ने देख लिया था। घटना के बाद पुलिस के साथ-साथ तीनों आरोपी भी घटनास्थल पर पहुुंच गए थे। गांव वालों ने गोपनीय तरीके से पुलिस को यह बात बताई। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ कर सभी को पकड़ लिया।
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