झांसी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने झांसी - कानपुर फोरलेन हाईवे को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया है। सड़क के खुर्द-बुर्द हिस्सों की मरम्मत कराई जा रही है। स्ट्रीट लाइट भी ठीक की जाने लगी हैं। यात्रियों की अन्य सहूलियतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
अमर उजाला के 22 दिसंबर के अंक में खबर प्रकाशित करके ‘झांसी- कानपुर हाईवे पर वसूला जा रहा मोटा टोल, लेकिन सुविधाएं गोल’ के जरिये झांसी - कानपुर फोरलेन हाईवे की दुश्वारियां बताई गईं थीं। खबर में बताया गया था कि 228 किलोमीटर के इस मार्ग में वाहनों से एक तरफ से 425 रुपये टोल वसूला जाता है, लेकिन सुरक्षा और सुविधा का बंदोबस्त नहीं है। इसका खासा असर हुआ है। हरकत में आए एनएचएआई के अफसरों ने सड़क की देखरेख करने वाली कंपनी के पेच कसे। एजेंसी ने तेजी से कटी हुई सड़क के गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया है। डिवाइडर के कट भी बंद किए जाने लगे हैं। बंद पड़ीं स्ट्रीट लाइट भी अब जलती हुईं नजर आने लगी हैं।
एक निजी एजेंसी को हाईवे की देखरेख की जिम्मेदारी दे रखी है। सड़क के खराब हिस्सों को दुरुस्त कराया जा रहा है। इस मार्ग पर उरई तक लगभग ढाई हजार लाइटें लगी हुईं। इनमें से बंद पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराया जा रहा है। अवैध रूप से बनाए गए डिवाइडर के कट भी बंद किए जा रहे हैं। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
- राजीव पाठक, परियोजना प्रबंधक - एनएचएआई
सालाना 72 करोड़ मिलता है टोल
झांसी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को कानपुर मार्ग से हर साल 72 करोड़ रुपये टोल टैक्स मिलता है। टोल की वसूली के लिए एनएचएआई का एक निजी एजेंसी से अनुबंध है। ये एजेंसी ही टोल वसूलकर एनएचएआई को देती है। इसके अलावा सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी एजेंसी की ही है।