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Jhansi News: कानपुर के मंडलायुक्त ने शुरू की झांसी मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में आग की जांच

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अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की मौत के मामले की कानपुर के मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने जांच शुरू कर दी है। वह कॉलेज के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल करेंगे।



बताते चलें कि 15 नवंबर की रात करीब 10:20 बजे एसएनसीयू में एक्टसेंशन कोड में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई थी। जिस समय आग लगी थी, उस समय करीब 49 नवजातों का उपचार चल रहा था। आग से झुलसकर 10 नवजातों की मौत हो गई थी जबकि बाकी शिशुओं को निकाल लिया गया। धुएं की वजह से कई नवजातों की हालत बिगड़ गई थी, जिनमें कुछ नवजातों को मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में बनाए एनआईसीयू तथा कुछ को निजी अस्पताल में भर्ती किया गया, बावजूद इसके सोमवार तक नौ और नवजातों ने दम तोड़ दिया।
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मुख्यमंत्री के आदेश पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक 16 नवंबर की सुबह पांच बजे ही मेडिकल कॉलेज आ गए। झांसी के मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने आग लगने के कारण की प्राथमिक जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी। जिसमें आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताया गया। इसके बाद शासन के आदेश पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम जांच करने के लिए आई। टीम ने हर एंगिल से जांच करके अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी। इस पर शासन ने तत्काल प्रभाव से मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर को चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय से संबद्ध कर दिया। जेई सुजित कुमार, वार्ड की नर्सिंग सिस्टर इंचार्ज संध्या राय तथा प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीत राठौर को निलंबित कर दिया। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया आदि को आरोप पत्र दिया। अब शासन ने मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार पदों पर तैनात अधिकारियों की भूमिका की जांच कानपुर के मंडलायुक्त अमित गुप्ता को सौंपी। अब मंडलायुक्त कानपुर ने जांच शुरू कर दी है।
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