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Jhansi News: छात्रा से दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर किशोर को सात साल की कैद

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। कोचिंग जा रही नाबालिग छात्रा को अगवा करके उससे दुष्कर्म करने में किशोर को न्यायालय ने सात साल की सजा समेत 65 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला करीब आठ साल पहले का है। दोष सिद्ध ठहराया गया किशोर एक मामले में पहले से जेल में बंद है।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक टहरौली थाने में नाबालिग (17) को अगवा करके दुष्कर्म के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीड़िता के पिता ने बताया था कि आरोपी एवं उसकी बेटी एक घर में आपत्तिजनक हाल में पकड़े गए थे। गांव के लोगों के बुलाने पर वह भी पहुंचा था। यहां उसने दोनों को फटकार लगाई थी। इससे आरोपी नाराज हो गया। 25 अक्तूबर 2017 को कोचिंग जाते समय उसकी बेटी का आरोपी ने अपहरण कर लिया। किशोर के खिलाफ पिता ने अपहरण एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना करने पर किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इसके बाद दुष्कर्म की धारा भी बढ़ा दी गई। आरोपी नाबालिग था। इस वजह से पहले मामला किशोर न्यायालय भेजा गया। छानबीन में यह मामला पॉक्सो एक्ट का पाया गया। इस वजह से इसे विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट के सामने आरोप पत्र दाखिल किया। 10 जनवरी 2018 को कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया। इसके बाद 18 मई को आरोपी के खिलाफ चार आरोप तय हुए। अपहरण एवं दुष्कर्म के आरोप में सुनवाई आरंभ हुई। दोनों पक्षों ने साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष ने नाबालिग छात्रा के आयु प्रमाण पत्र समेत विधि विज्ञान प्रयोगशाला के साक्ष्य प्रस्तुत किए जबकि बचाव पक्ष का तर्क था कि उसे बेवजह इस मामले में फंसाया जा रहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य को विश्वसनीय माना। विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने आरोपी को अधिकतम सजा दिलाने की दलील दी। कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर किशोर को सात साल की सजा सुनाने के साथ 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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