चुनाव की तैयाकी करते कर्मचारी (प्रतीकात्मक)
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पंचायत चुनावों में उन कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी नहीं लगेगी, जो जून माह तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पंचायत चुनावों में करीब दस हजार कर्मियों की आवश्यकता पड़ेगी। इसको लेकर सभी विभागों से सूची मांगी गई है।
सरकार मार्च के आखिरी तक पंचायत चुनाव कराने की तैयारी में है। इसको लेकर मतदाता सूची तैयार करने के साथ ही चुनावी ड्यूटी के लिए कर्मचारी एवं अधिकारियों की सूची भी शार्ट लिस्ट करने का काम तेजी से किया जा रहा है। ईएसडी पोर्टल में चुनावी ड्यूटी के लिए कर्मचारियों के नाम अपडेट हो रहे हैं।
चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक इस बार सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनकी सेवानिवृत्ति जून माह के बाद है। जिन भी कर्मचारियों के सेवानिवृत्त की अवधि जनवरी से जून के बीच है उनको चुनावी सूची से बाहर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव में करीब दस हजार कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी। इसको देखते हुए सभी विभागों से कर्मचारियों की संख्या, नाम समेत विभाग में उपलब्ध वाहनों की संख्या भी मांगी गई है।
उधर, पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है 22 जनवरी को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद आरक्षण प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। आपत्तियों आदि की सुनवाई के बाद फरवरी में इसके पूरा हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
कल तक दर्ज कराई जा सकेंगी आपत्तियां
पंचायत चुनावों के लिए तैयार हो रही मतदाता सूची में जुड़े नए नाम अथवा हटाए गए नामों को लेकर तीन जनवरी तक आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। इसके बाद 4-11 जनवरी तक इनका निराकरण किया जाएगा। 12 से 21 के बीच निर्वाचक नामावली का जनसमान्य निरीक्षण कर सकेंगे। पुनरीक्षित मतदाता सूची में कुल 119557 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए जबकि 71938 नाम विलोपित किए गए हैं।
इस दौरान कुल 15841 संशोधन किए गए। अगर नए नाम जुड़ गए तब यहां के मतदाताओं की संख्या बढ़कर 100364 हो जाएगी जबकि पिछले पंचायत चुनावों के दौरान कुल 884085 मतदाता ही थे।