जिले में 380 नवनिर्वाचित प्रधान 25 को लेेंगे शपथ
झांसी। शपथ लेने का इंतजार कर रहे नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की प्रतीक्षा खत्म हो गई। शासन ने 25 एवं 26 मई की तिथि शपथ के लिए तय कर दी है। ब्लॉकवार नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को वर्चुअल माध्यम से शपथ दिलाई जाएगी। हालांकि जनपद में सिर्फ 380 ग्राम पंचायतों के प्रधान ही शपथ ग्रहण कर सकेंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी को इस संबंध में तैयारी शुरू करने का निर्देश दिए गए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दो मई को परिणाम घोषित कर दिए गए लेकिन, कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए सरकार ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाने का कार्यक्रम टाल दिया। पिछले बीस दिन से नवनिर्वाचित प्रधान बस्ता न मिलने की वजह से क्षेत्र में खाली हाथ टहल रहे थे। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है पहले शपथ ग्रहण जून में कराने की बात कही गई लेकिन, गांव में संक्रमण रोकने के लिए निगरानी समितियोें को सक्रिय करने की जरूरत पड़ी। इनकी बागडोर ग्राम प्रधानों को संभालनी होती है। इसी तरह नदियों में शव निस्तारण को रोकने के लिए पांच हजार खर्च की जिम्मेदारी भी ग्राम प्रधानों के माध्यम से होनी थी। हाईकोर्ट के आदेश के चलते भी मई तक ग्राम पंचायतों को गठित किया जाना जरूरी था। इन परिस्थितियों के चलते सरकार ने शपथ ग्रहण की तिथि तय कर दी। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने आज इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया। इसमें 25 एवं 26 मई को ब्लॉकवार नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी जगदीश राम के मुताबिक शासनादेश के मुताबिक वर्चुअल माध्यम से शपथ दिलाई जाएगी। इस संबंध में तैयारी आरंभ कर दी गई है।
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496 ग्राम पंचायतों में 380 ग्राम पंचायतें ही ले सकेंगी आकार
झांसी। सिर्फ उन्हीं ग्राम पंचायतों को शपथ दिलाई जाएगी जहां प्रधान समेत कम से कम दो तिहाई सदस्य निर्वाचित हुए हों। झांसी की कुल 496 ग्राम पंचायतों में 380 ग्राम पंचायतों में ही दो तिहाई से अधिक सदस्य निर्वाचित हुए। ऐसे मेें इनको ही शपथ दिलाई जा सकेगी जबकि 116 पंचायतों में मानक के मुताबिक सदस्य निर्वाचित नहीं हुए। ऐसे में इनको शपथ नहीं दिलाई जा सकेगी।
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27 मई तक करानी होगी पहली बैठक
झांसी। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान एवं सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद 27 मई को ग्राम पंचायत की पहली बैठक भी बुलानी होगी। अपर मुख्य सचिव की आरे से जारी शासनादेश के मुताबिक पहली बैठक होने के नाते 27 मई को उनका कार्यकाल का पहला दिन माना जाएगा। इसी दिन से उनके कार्यकाल की गणना होगी। पहली बैठक में कोविड से निपटने को लेकर चर्चा एवं रणनीति तैयार करने को कहा गया है। यह बैठक जरूरी इसलिए भी है कि जून में ही पंचायतों में बतौर प्रशासक तैनात एडीओ का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा।