जिला पंचायत की 24 सीटों पर 363 उम्मीदवार मैदान में
झांसी। जिला पंचायत सदस्य पद पर नामांकन पत्र दाखिल करने की अवधि के अंतिम दिन रविवार को 195 दावेदारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। इसके साथ ही, जिला पंचायत के 24 वार्डों में 363 उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं। वहीं, ब्लाक मुख्यालयों पर भी दिन भर दावेदारों व उनके समर्थकों की भीड़ जमा रही। यहां ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा ग्राम प्रधान पद के नामांकन पत्र दाखिल किए गए।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के निर्वाचन कार्यक्रम के तहत शनिवार और रविवार के दो दिन नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए तय किए गए थे। पहले दिन शनिवार को जिला पंचायत के 24 वार्डों से 168 उम्मीदवार सामने आए थे। जबकि, अंतिम दिवस रविवार को 195 उम्मीदवारों ने अपने नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए। नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया कलक्ट्रेट स्थित अपर जिलाधिकारी न्यायालय में सुबह आठ बजे से शुरू हो गई थी। सुबह से ही प्रत्याशी अपने प्रस्तावकों के साथ पहुंचने लगे थे।
ज्यादातर प्रत्याशी दोपहर से पहले नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस का कड़ा पहरा रहा। कलक्ट्रेट परिसर में प्रत्याशी व उनके प्रस्तावकों को ही दाखिल होने दिया गया। प्रत्याशियों के आए समर्थकों के हुजूम को जेल चौराहे व कचहरी चौराहे पर ही रोक दिया गया था। इस दरम्यान जेल चौराहे से कचहरी चौराहे तक का रास्ते पर आवागमन पूरी तरह से बंद रखा गया। नामांकन शाम सात बजे तक दाखिल होते रहे, जो प्रत्याशी शाम पांच बजे तक परिसर में दाखिल हो गए, उनके नामांकन पत्र जमा किए गए। नामांकन के आखिरी दिन प्रत्याशियों को जमानत राशि ऑनलाइन जमा करने की सुविधा दी गई। हालांकि, इसका ज्यादा लोगों ने लाभ नहीं उठाया। बैंक में जाकर ही जमानत राशि जमा की गई।
घूंघट की आड़ में पहुंची महिला प्रत्याशी
झांसी। पंचायत चुनाव का नामांकन पत्र दाखिल करने महिला प्रत्याशी भी बड़ी संख्या में अपने परिजनों व समर्थकों के साथ पहुंची। ग्रामीण राजनीति का नेतृत्व करने जा रहीं इन महिलाओं में से ज्यादातर के चेहरे नामांकन प्रक्रिया के दौरान घूंघट की ओट में ही छुपे रहे।
अंदर दाखिल नहीं हो पाए न नेता, न समर्थक
झांसी। प्रत्याशियों के साथ आए समर्थक व विभिन्न दलों के नेता कलक्ट्रेट परिसर में दाखिल होने के लिए खासी मशक्कत करते देखे गए, परंतु पुलिस ने उन्हें निर्वाचन आयोग की गाइड लाइन का हवाला देते हुए आगे नहीं बढ़ने दिया। इस दौरान कुछ लोगों की नोकझोंक भी हुई, परंतु किसी की न चली।