झांसी। महानगर में सोमवार को हरियाली सोमवती अमावस्या मनाई गई। अब मंदिरों में झूला झांकी सजाई जाएगी। भगवान के दिव्य विग्रह झूलों पर विराजमान होंगे। मंदिरों में इसके लिए तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। कोरोना वायरस के कारण श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर सावधानी बरती जाएगी। कई मंदिरों से भगवान की झांकियों एवं पूजा का सोशल साइट्स पर सीधा प्रसारण होगा।
सावन की हरियाली तीज से मंदिरों में झूला झांकी के आयोजन शुरू हो जाते हैं। सुमधुर शास्त्रीय संगीत का गायन होता है। लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण मंदिरों में यह आयोजन सार्वजनिक रूप से नहीं हो रहे हैं। श्री कुंज बिहारी मंदिर में हर साल की तरह झूला तो डलेगा, लेकिन भक्तों को दर्शन ऑनलाइन ही कराए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि मंदिर में सावन झूला उत्सव भव्य रूप से मनाया जाता है। कोरोना वायरस से बचाव के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगी है।
इधर इस्कॉन मंदिर में झूला महोत्सव 30 जुलाई से तीन अगस्त तक आयोजित होगा। एकादशी से रक्षाबंधन तक भगवान कृष्ण एवं राधा जी झूला पर विराजमान रहेंगे। मंदिर के अध्यक्ष बृज भूमि दास प्रभु ने बताया कि उत्सव में भगवान के दर्शन ऑनलाइन भी कराए जाएंगे। साथ ही जो भक्त मंदिर में प्रवेश करेगा। उसकी पहले थर्मल स्क्रीनिंग होगी। मास्क पहनना अनिवार्य होगा।