झांसी। स्पोर्ट्स अर्थारिटी ऑफ इंडिया (साई) का सेंटर एवं खेल के उपकरण सैफई शिफ्ट करने के प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निर्णय से जन प्रतिनिधियों का भी मन आहत है। उन्होंने सेंटर को झांसी से कहीं भी नहीं जाने देने और पहले से भी बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जोरदार प्रयास करने का संकल्प लिया है।
मेजर ध्यानचंद की भूमि में खिलाड़ियों को विकसित करने के लिए झांसी में वर्ष 2001 में साई सेंटर की स्थापना की गई थी। ध्यानचंद स्टेडियम में कार्यालय भी खोला गया था। यहां हॉकी, कबड्डी व जिमनास्टिक के कोच की तैनाती के अलावा कीमती खेल उपकरण भी खिलाड़ियों के लिए रखे गए, जिनमें 12 प्लेटफार्म की जिम व हॉकी तथा जिमनास्ट से जुड़ी खेल सामग्री भी है। लेकिन धीरे-धीरे साई की खेल गतिविधियां सुस्त हो गई।
एकाएक सेंटर बंद करने के निर्णय एवं खेल उपकरण सैफई शिफ्ट करने के निर्णय से जन प्रतिनिधियों में भी रोष है। बुधवार को विधायक रवि शर्मा व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने केंद्रीय खेल मंत्री व केंद्रीय मंत्री उमा भारती को पत्र लिखकर साई सेंटर को अविलंब संज्ञान में लेकर बंद पड़े हॉकी डे-बोर्डिंग, खिलाड़ियों को स्टाइपेंड व किट देने की मांग की है। साथ ही इस केंद्र पर निर्धारित कोचों की तैनाती भी जल्द से जल्द करने का आग्रह किया है।
पहले से बेहतर होगी सुविधाएं
सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि साई को झांसी से कहीं भी नहीं जाने दिया जाएगा, बल्कि यहां पहले से भी ज्यादा और बेहतर सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए प्रयास किया जाएगा। उन्होंने का कि साई की वर्तमान स्थिति के लिए पिछली केंद्र की यूपीए व राज्य सरकार जिम्मेदार हैं।
आंदोलन करेंगे
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि साई झांसी की शान है, इसे झांसी से किसी कीमत पर नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने इसके विकास के लिए खेल मंत्री व साई के डायरेक्टर को पत्र लिखा है। अगर, साई को झांसी से ले जाने का प्रयास किया जाएगा तो कांग्रेस इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन छेड़ देगी।