झांसी। उमस के साथ एक बार फिर महानगर में बिजली संकट बढ़ गया है। मांग और आपूर्ति के बीच भारी अंतर के चलते बिजली की अघोषित कटौती बड़े पैमाने पर हो रही है। लोड न झेल पा रही सब स्टेशनों को फीडरों बंद करके बचाया जा रहा है। इस कारण बिजली की आंख मिचौनी हो रही है। सबसे बुरा हाल मुन्नालाल सब स्टेशन से जुड़े मुहल्लों का है।
उमस के कारण महानगर में बिजली की मांग बढ़कर 150 मेगावाट पहुंच गई है लेकिन बमुश्किल 130 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध हो पा रही है। इस कारण शहर में लगभग चार घंटे बिजली की अघोषित कटौती की गई। इसके अलावा ओवरलोड सबस्टेशनों से फीडरवार बिजली कटौती की गई।
कुछ मोहल्लों में तो पांच से आठ घंटे तक बिजली गुल रही। मंगलवार की रात ग्यारह बजे भी महेंद्र पुरी कॉलोनी के निकट हंसारी ट्रांसमिशन पावर हाउस से मुन्नालाल सब स्टेशन आने वाली 33 केवीए की लाइन की तीन डिस्क ध़ड़ाम हो गए। इससे हाइटेंशन लाइन का तार भी खंभे से उतर गया।
कर्मचारियों की टीम रात डेढ़ बजे फाल्ट को ढूंढ सकी। सुबह चार बजे आपूर्ति सामान्य हो सकी। इस दौरान इससे मुन्नालाल सब स्टेशन से जुड़े मिशन कंपाउंड, बंसल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, इंद्रपुरी कॉलोनी, अंदर-बाहर दतिया गेट, नई बस्ती, राई का ताजिया, अलीगोल, मुकरयाना, गंधीगर का टपरा, सर्राफा बाजार, गोला कुआं, पंचकुइयां, खंडेराव गेट, तहसील, बाबूलाल कारखाना, आशिक चौराहा, बीकेडी, हींगन कटरा, पानी वाली धर्मशाला आदि क्षेत्रों के पंद्रह हजार परिवारों को बिजली संकट सामना करना पड़ा। उमस भरी गर्मी में लोगों को रात काटना भारी पड़ गया।
हाइटेंशन लाइन 18 किलोमीटर की दूरी तय करके मुन्नालाल सब स्टेशन पहुंचती है। इस कारण फाल्ट को तलाशने में समय लग जाता है। नई लाइन के रास्ते में पड़ने वाले सेना क्षेत्र और रेलवे क्रॉसिंग में कुछ अड़चनें आ रही हैं, जिसके चलते काम रुका है। दोनों विभागों से परमीशन मिलने पर ही काम शुरू हो सकेगा। हमारी कोशिश है कि फाल्ट जल्दी दुरुस्त किए जाएं। पी के सागर, अधिशासी अभियंता (प्रथम)।
चालीस साल पुराने तार
केंद्र सरकार ने महानगर की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए भले ही 237 करोड़ रुपये दिए हों, मगर यहां काम कर रही कंपनी की लापरवाही और अफसरों की अनदेखी के कारण मुन्नालाल सब स्टेशन की विद्युत आपूर्ति में दो साल बाद भी सुधार नहीं हो सका है। गर्मियां शुरू होने के बाद से इस सब स्टेशन की 33 केवी लाइन में लगातार फाल्ट आ रहे हैं। मार्च- 2010 में हंसारी से मुन्नालाल तक दूसरी विद्युत लाइन बिछाने की योजना तैयार की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
कमियां नहीं सुधार रहे
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि विद्युत ढांचे को दुरुस्त बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। हाइटेंशन लाइनें पुरानी हो चुकी हैं। अगर जल्द ही बिजली आपूर्ति नहीं सुधरी तो कांग्रेस को आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
आंदोलन करेंगे
विधायक रवि शर्मा ने कहा कि अब हालात बदतर हो गए हैं। गर्मियां गुजर गई, लेकिन विद्युत कटौती का रोस्टर तय नहीं हो सका। मुख्यमंत्री के 22 घंटे बिजली के दावे थोथे साबित हो रहे हैं। अब आंदोलन के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है।