दो नवंबर से शादियां शुरू होने जा रहीं हैं। इसके साथ ही शुरु हो जाएगा बैंड-बाजा और बरात। लेकिन, खुशी के इन लम्हों के बीच तमाम तरह की दुश्वारियां भी सामने आती हैं, जिनसे हर किसी को दो-चार होना पड़ता है। सड़क पर कहीं जाम लगता है तो कहीं डीजे की धमक से लोगों की नींद खराब हो जाती है। इस बार ऐसा न हो, इसके लिए एक बड़ी पहल की गई है।
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इसी क्रम में मंगलवार को अमर उजाला की ओर से संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें बुंदेलखंड विवाह स्थल एसोसिएशन, हलवाई मजदूर यूनियन, बुंदेलखंड होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन, बुंदेलखंड फोटोग्राफर एसोसिएशन, बुंदेलखंड साउंड एसोसिएशन और बुंदेलखंड बैंड एंड लाइट एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने सर्वसम्मति से शादियों के लिए एक गाइडलाइन तय की।