झांसी में दीवार गिरने से मलबे में दबे एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर घायल है। उसे झांसी के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना एमपी के टीकमगढ़ जिले के कांटी गांव की है। मृतक का शव झांसी मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। मेडिकल चौकी पुलिस पोस्टमार्टम के लिए कागज तैयार कर रही है। दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम होगा।
मलबा हटाने में लग गया आधा घंटा
एमपी के टीकमगढ़ जिले के कांटी गांव निवासी कपूरे अहिरवार (45) पुत्र ग्यासी अहिरवार मेहनत मजदूरी करता था। बेटे मनीराम ने बताया कि गांव में एक व्यक्ति का मकान बन रहा है। शुक्रवार को पिता व अन्य मजदूर मकान की कच्ची दीवार गिरा रहे थे। शाम को अचानक दीवार गिरने से कपूरे और गांव के रमेश बुनकर (55) मलबे में दब गए। दीवार गिरने के बाद अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने हाथ व फावड़े से मिट्टी को हटाया। करीब आधा घंटे बाद कपूरे और रमेश को मलबे से बाहर निकालकर टीकमगढ़ ले गए। वहां से झांसी रेफर कर दिया गया। यहां निजी अस्पताल में शनिवार सुबह कपूरे अहिरवार की मौत हो गई।
दूसरे की हालत गंभीर
बेटे ने बताया कि पिता कपूरे झांसी तक बोलते हुए आए। रात को उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। कपूरे के दो बेटे सुरेश (27) और मनीराम (23) है। कपूरे दोनों बेटों की शादी कर चुके थे। वहीं, घायल रमेश की हालत नाजुक बनी है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।