बार-बार नोटिस के बाद भी कई संचालक अपनी बसों का परमिट नवीनीकृत नहीं करा रहे थे। इन बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही 12 नई बसों को परमिट जारी किए गए हैं।
बार-बार नोटिस के बाद भी कई संचालक अपनी बसों का परमिट नवीनीकृत नहीं करा रहे थे। ऐसे में आरटीई की बैठक में हुए निर्णय के अनुसार, 460 बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही 12 नई बसों को परमिट जारी किए गए हैं।
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पिछले माह आरटीई की बैठक में मंडलायुक्त ने जिन परमिटों की अवधि खत्म हो चुकी है, उनके नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए थे। कुछ बस संचालकों को चेतावनी दी गई कि यदि वह अपने परमिट का नवीनीकरण नहीं कराएंगे तो उनका परमिट निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अंतिम नोटिस भी जारी किया गया। ऐसे में अब परिवहन विभाग ने इन बसों का ब्योरा आरटीई की बैठक में रखा। इसके बाद, इन बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए हैं। इसके साथ ही 12 नए रूटों के लिए परमिट भी जारी किए गए हैं।
झांसी में है 278 वैध परमिट
जिले में बसों के संचालन के लिए 278 परमिट जारी किए गए हैं। विभिन्न रूटों पर इन परमिटों पर ही बसें सवारियां ढोने के लिए वैध है। परमिट की अवधि पांच साल रहती है और इसके बाद परमिट का नवीनीकरण होता है। इसके लिए पहले एक साल तक का समय रहता था, अब इसे बढ़ाकर 2 साल कर दिया गया है। बस संचालक जुर्माना अदाकर परमिट का नवीनीकरण करा सकते हैं।
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संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन एके त्रिवेदी ने बताया कि अराष्ट्रीयकृत मार्ग पर मंडल की 460 बसों के परमिट की अवधि खत्म हो चुकी है। इन्हें नोटिस दिया गया है लेकिन यह नवीनीकृत नहीं कराया गया। पिछले दिनों हुई आरटीई की बैठक में हुए निर्णय के बाद इनका परमिट निरस्त कर दिया गया है।