अभियान का उद्देश्य ऐसे शहरों की जोड़ी बनाना है, जिसमें एक मेंटर सिटी के रूप में स्वच्छता में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाला शहर हो और दूसरा मेंटी सिटी अपेक्षाकृत कमजोर शहर हो।
बुंदेलखंड की तीन नगर पंचायतों में स्वच्छता का स्तर सुधारने में नगर निगम मदद करेगा। शासन ने निगम को मेंटर सिटी बनाया है। जबकि, झांसी, महोबा और हमीरपुर की एक-एक नगर पंचायत को मेंटी सिटी चुना है। इन तीनों पंचायतों में स्वच्छता का स्तर सुधर नहीं रहा है।
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अभियान का उद्देश्य ऐसे शहरों की जोड़ी बनाना है, जिसमें एक मेंटर सिटी के रूप में स्वच्छता में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाला शहर हो और दूसरा मेंटी सिटी अपेक्षाकृत कमजोर शहर हो। मेंटी सिटी में झांसी की नगर पंचायत मोंठ, महोबा की नगर पंचायत कबरई और हमीरपुर की नगर पंचायत गोहांड को मेंटी सिटी चुना गया है। शुक्रवार को नगर आयुक्त सत्य प्रकाश और तीनों मेंटी सिटी के नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह सौ दिवसीय एमओयू आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में मेंटी नगर पंचायतों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए किया गया है।
इसके तहत नगर निगम तीनों नगर पंचायतों को तकनीकी प्रबंधन और व्यावहारिक सहयोग देगा। अभियान के तहत कराए जाने वाले मुख्य कार्यों में कचरा पृथक्कीकरण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छ शौचालयों की उपलब्धता, गंदे पानी का प्रबंधन, स्वच्छता जागरण, नागरिक फीडबैक और शिकायत निवारण शामिल है। नगर निगम का यह प्रयास न सिर्फ अपने क्षेत्र में स्वच्छता को नई दिशा देगा, बल्कि प्रदेश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा। इस दौरान वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीत कुमार मौजूद रहे।