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Jhansi: दूसरों के नाम पर फसल बीमा हड़पने वाले घर से लापता, गरौठा व प्रेमनगर थाने में दर्ज है प्राथमिकी

Wed, 24 Dec 2025 09:30 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

सांसद की जमीन पर फर्जीवाड़ा करके बीमा की रकम हड़पने के आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं सकी है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम उरई के डाकोर निवासी ऋतिक तिवारी के घर भी पहुंची लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। 
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बीमा में बेईमानी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में दूसरों के नाम से फर्जीवाड़ा करके करोड़ों रुपये हड़पने के आरोपियों का पता गरौठा पुलिस एक सप्ताह बाद भी नहीं लगा सकी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही सभी आरोपी घर छोड़कर भाग निकले। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस सिर्फ एक बार ही उनके घर पहुंची, लेकिन घर में न होने की बात मालूम चलने पर पुलिस लौट आई। इसके बाद दोबारा से पुलिस नहीं पहुंची।
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इन पर लगे आरोप
अमर उजाला में इस योजना में घपले का भंडाफोड़ होने के बाद उपनिदेशक कृषि महेंद्र पाल सिंह ने 17 दिसंबर को गरौठा थाने में सिमरधा निवासी मनोज कुमार गुप्ता, उमेश कुमार, पूनम देवी, फूलन देवी, रेषू, भारती, रोशनी देवी, राममूर्ति, छविलाल एवं उमेश कुमार के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन सभी पर फर्जीवाड़ा करके दूसरे के खेतों की आराजी लगाकर बीमा की रकम हड़पने का आरोप है।


मामला दर्ज होते ही घर छोड़ा
आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपियों ने घर छोड़ दिया। पुलिस दूसरे दिन उनके यहां पहुंची लेकिन, उनका सुराग नहीं लगा सकी। इसके बाद से आरोपी अभी तक घर नहीं लौटे हैं वहीं, प्रेमनगर थाने में भी सांसद की जमीन पर फर्जीवाड़ा करके बीमा की रकम हड़पने के आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं सकी है। आरोपी की तलाश में पुलिस टीम उरई के डाकोर निवासी ऋतिक तिवारी के घर भी पहुंची लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। सीओ गरौठा आसमा वकार का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम काम कर रही है।
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सात दिन में देनी थी रिपोर्ट, अब तक पूरी नहीं हुई जांच
पीएम बीमा योजना में करोड़ों रुपये का गोलमाल उजागर होने के बाद शासन स्तर पर हड़कंप मच गया। 17 दिसंबर को डीएम मृदुल चौधरी ने तहसीलवार पांच अलग-अलग टीम गठित करते हुए सात दिन के भीतर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे लेकिन, अफसरों की लापरवाही के चलते 23 दिसंबर तक कई तहसील में जांच शुरू नहीं हो सकी। प्रशासनिक अफसरों का कहना है एसआईआर में लेखपाल एवं तमाम राजस्व कर्मियों की ड्यूटी लगी होने से जांच शुरू नहीं हो सकी हालांकि बीमा कंपनी से डेटा मांगा गया है। अभी सिर्फ इस आधार पर ही जांच की जा रही है। बता दें, सदर तहसील के लिए मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, मऊरानीपुर तहसील के लिए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अनिल गौर, गरौठा तहसील के लिए अपर जिलाधिकारी वरुण पांडेय, टहरौली के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) शिव प्रताप शुक्ला एवं मोंठ तहसील के लिए अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) योगेंद्र कुमार की अगुवाई में जांच कमेटी बनी हुई है।
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