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यूपी में ड्रग्स के लिए कत्ल: जांघ पर मिले दांत के छह निशान, पहले माना हादसा; लेकिन इस रिपोर्ट ने बदल दी कहानी

Sat, 19 Sep 2026 02:08 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

झांसी में बीए एलएलबी छात्र की हत्या के मामले में पुलिस ने सिपाही समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ड्रग्स के नाम पर वसूली के लिए छात्र परवेज की कार में अपहरण के बाद पीट-पीटकर हत्या की गई थी। 14 सितंबर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो दाहिनी जांघ पर दांत से काटे जाने के छह निशान मिले। इन निशानों ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी और मामला हत्या की ओर मुड़ गया।
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Jhansi Student Parvez murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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झांसी में एलएलबी छात्र परवेज अली की मौत मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस शुरू में परवेज की मौत को हादसा मान रही थी। पुलिस के मुताबिक, अत्यधिक नशे में होने के कारण वह गिर गया था और सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हुई। 
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सीने की चोट को भी गिरने के दौरान लगी चोट माना गया था। 14 सितंबर को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो दाहिनी जांघ पर दांत से काटे जाने के छह निशान मिले। इन निशानों ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी और मामला हत्या की ओर मुड़ गया।

एसएसपी विकास कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी अरीबा नोमान की अगुआई में तीन आला पुलिस अफसरों की टीम गठित की। टीम ने परवेज के आखिरी समय की गतिविधियों को खंगालना शुरू किया। सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी में उसे छोड़ने वाले रैपिडो चालक से पूछताछ की गई। इसके अलावा 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले गए।
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जांच में सामने आया कि परवेज को सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी से लाल रंग की मारुति एस-क्रॉस कार में ले जाया गया था। तीन कारों में कुल 11 युवक सवार थे। इनमें प्रेमनगर थाने का सिपाही आशीष सिंह भी शामिल था। सीसीटीवी फुटेज में तीनों कारों की गतिविधियां सामने आने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची।
 

भूपेंद्र और सनी ने जांघ में काटा
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि परवेज की जांघ में भूपेंद्र और सनी ने काटा था। आरोपियों के मुताबिक, मारपीट के दौरान परवेज अचेत होने लगा था। उन्हें लगा कि वह नशे के कारण बेहोश हो रहा है। 
 

उसे होश में लाने के लिए दोनों ने उसकी जांघ में काटा, लेकिन जब वह नहीं उठा तो उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, भूपेंद्र और सनी के डेंटल सैंपल लिए गए हैं। इन्हें मिलान के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दांत से काटने के निशानों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

परवेज के घर किराये पर रह चुका था सिपाही
जांच में यह भी सामने आया कि प्रेमनगर के नहर रोड स्थित विजय नगर मोहल्ले में परवेज के घर में सिपाही आशीष कुछ समय किराये पर रह चुका था। बाद में उसने मकान खाली कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान आशीष को परवेज और उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी हुई थी। उसे यह भी पता था कि परवेज कश्मीर से ड्रग्स मंगवाता था।
 

घायल परवेज का उपचार कराने ले गई थी पुलिस
साहिल के फोन करके सैंपल देने के लिए बुलाने के बाद परवेज 13 सितंबर की रात करीब नौ से दस बजे के बीच दोस्त से मिलने की बात कहकर घर से निकला था। रैपिडो से वह सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी पहुंचा। यहां वह अक्सर आता था। कुछ देर बाद अपनी लाल रंग की कार से साहिल कॉलोनी के बाहर पहुंचा, उसने फोन करके कॉलोनी के बाहर बुलाया। परवेज के आने पर पांच हजार रुपये मोबाइल पर ट्रांसफर किए और बहाने से उसे कार में बिठा लिया। 

 

कार में सिपाही आशीष समेत प्रयांश, जय श्रीवास्तव, भूपेंद्र आदि भी बैठे थे। कुछ देर बाद परवेज को आभास हो गया। उसके शोर मचाने पर ही उसके साथ मारपीट की गई। घायल हो जाने पर उसे हाट के मैदान में फेंककर भाग निकले। सिपाही आशीष घटना के साथ मौजूद था लेकिन, उसने प्रेमनगर पुलिस को सूचना नहीं दी। राहगीरों से सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची। तब वह अचेत हाल में वहां पड़ा था।

 

पुलिस उसे लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंची, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिवार के लोग भी अस्पताल पहुंचे, हालांकि परिजनों से परवेज की अधिक बनती नहीं थी। वह लोग मामला भी दर्ज कराने को पहले राजी नहीं हो रहे थे।

डिटिजल सुबूत जुटा रही पुलिस
छानबीन में जुटी पुलिस टीम डिटिजल सुबूत भी जमा कर रही है। आरोपी साहिल मिश्रा के फोन समेत अन्य आरोपियों के फोन भी पुलिस ने कब्जे में लेकर छानबीन की। इसमें साहिल के फोन से परवेज को किए गए पांच हजार रुपये के सुबूत भी मिले। 

 

सीसीटीवी फुटेज में भी परवेज साहिल की कार में सवार होता नजर आया है। प्रयांश सोनी भी ड्रग्स का कारोबार करता है। पुलिस पहले भी कई मामले दर्ज करके उसे जेल भेज चुकी। पुलिस पकड़े गए सभी आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि भी तलाशने में जुटी है।

झांसी तक पहुंच चुका करोड़ों रुपये कीमत का सिंथेटिक नशा
एलएलबी छात्र परवेज अली की हत्या की जांच में झांसी में चल रहे ड्रग्स नेटवर्क की परतें भी खुलने लगी हैं। पुलिस की अब तक की जांच के मुताबिक, परवेज के तार महंगे सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी से जुड़े थे। पुलिस को आशंका है कि सीमा पार से जम्मू-कश्मीर के रास्ते आने वाला नशे का सामान झांसी समेत दिल्ली और मुंबई तक पहुंचाया जाता था। इसी नेटवर्क के जरिये झांसी में एमडीएमए जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है।
 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एमडीएमए महंगे सिंथेटिक ड्रग्स में शामिल है। इसकी कीमत बाजार और शुद्धता के आधार पर काफी अलग-अलग हो सकती है। पुलिस का दावा है कि परवेज भी झांसी और आसपास के इलाकों में इसकी आपूर्ति करता था और खुद भी नशे का आदी था।

 

झांसी में सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई का नेटवर्क पहले भी सामने आ चुका है। वर्ष 2022 में ग्वालियर पुलिस ने 720 ग्राम एमडीएमए बरामद किया था। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने यह ड्रग्स चिरगांव से खरीदा था। इस मामले के बाद चिरगांव में भी सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई के नेटवर्क की जानकारी सामने आई थी।
 

ड्रोन से जम्मू-कश्मीर पहुंचता था नशा, पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच
परवेज हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने उसके संपर्क में रहने वाले कई लोगों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि परवेज अक्सर जम्मू-कश्मीर जाता था। इसके बाद पुलिस ने वहां उसके संपर्कों और नशे की सप्लाई के स्रोत की जानकारी जुटानी शुरू की।
 

पुलिस का दावा है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिये नशे का सामान कश्मीर में गिराया जाता था। वहां से परवेज अपने संपर्कों के माध्यम से इसे दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों तक पहुंचाता था। जांच में पाकिस्तान में एक कथित हैंडलर से उसके संपर्क की जानकारी भी पुलिस को मिली है। हालांकि, इस कनेक्शन की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।

परवेज के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में दर्ज हुआ था मामला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, परवेज के खिलाफ कश्मीर में फरवरी में एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इस मामले में वह कुछ समय जेल में भी रहा था। पुलिस का कहना है कि यह रिपोर्ट सेना की ओर से दर्ज कराई गई थी।
 

जेल से बाहर आने के बाद परवेज झांसी लौट आया था। अब पुलिस जम्मू-कश्मीर में दर्ज रिपोर्ट, वहां उसके संपर्कों और झांसी में सक्रिय नेटवर्क के बीच संबंधों की जांच कर रही है। जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी है कि सीमा पार से आने वाला सिंथेटिक ड्रग्स का नेटवर्क झांसी तक किस तरह पहुंचा और इसमें स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

हत्याकांड का खुलासा
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी अंतिम वर्ष के छात्र परवेज अली की हत्या के मामले का पुलिस ने वारदात के पांच दिन बाद शुक्रवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, ड्रग्स तस्करी से जुड़ी रकम की वसूली के लिए परवेज को अगवा किया गया और उसके साथ मारपीट की गई। 

 

गंभीर हालत में आरोपी उसे नगरा हाट मैदान में छोड़कर फरार हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में प्रेमनगर थाने के सिपाही आशीष सिंह समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी आशीष को निलंबित कर दिया गया है।
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यह था पूरा मामला
झांसी के थाना प्रेमनगर के नहर रोड स्थित विजय नगर मोहल्ला निवासी एवं बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी (अंतिम वर्ष) के छात्र परवेज अली (21) पुत्र एहसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार रात अपने दोस्त से मिलने के लिए घर से निकला था। आधी रात के बाद घायल अवस्था में वह नगरा हाट मैदान के पास पड़ा मिला। उसके सिर एवं सीने में चोट के निशान मिले। पुलिस उसे लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंची, यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर परिवार के लोग भी पहुंच गए।
 
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