हस्तशिल्प और गृह शिल्प के हुनर में माहिर कुंज बिहारी कॉलोनी की पूनम अग्रवाल ने इसे ही व्यवसाय का माध्यम बना लिया। दो साल पहले अलंकृति आर्ट्स एंड डेकोर नाम से कंपनी शुरू की। अब वह पुराने सजावटी सामान को नया रूप दे रही हैं। पूनम ने बीसीए की पढ़ाई करने के बाद 2005 में फैशन डिजाइनिंग का कोर्स पूरा किया। दो साल नौकरी भी की। कोरोना काल में नौकरी छोड़कर परिवार के साथ सूरत से झांसी आ गई।
साज-सज्जा का भी करती हैं काम
उन्होंने घर से ही कुछ काम करने का मन बनाया। 2022 में उन्होंने व्यवसाय शुरू कर दिया। बताया कि वह त्योहारों पर साज-सज्जा का काम करती हैं। शादी समेत अन्य समारोह के दौरान भी थीम आधारित सजावट करती हैं। खुद से बनाई हुई कई चीजों को किराये पर भी उपलब्ध कराती हैं। इसके अलावा घर की पुरानी सजावटी चीजों को भी नया रूप देती हैं। वह कैनवास पेंटिंग, भगवान की डिजाइनर पोशाक, दीया स्टैंड और ऊन को रंगोली भी वह बनाती हैं। साथ ही धीम आधारित पैकेजिंग में भी वह माहिर हैं। उन्होंने व्यवसाय से 10 महिलाओं को भी जोड़ लिया है, जो घर पर रहकर ही कामकाज करती हैं। इससे महिलाओं को भी आय होती है। बताया कि उन्होंने अपनी कंपनी का पेज भी सोशल मीडिया पर बनाया है। इसके अलावा, वह प्रदर्शनी में भी लगातार अपने उत्पादों का स्टॉल लगाती हैं। इससे उन्हें लगातार ऑर्डर भी मिल रहे हैं।
बेटे के लिए तैयार किया प्लेटफॉर्म
पूनम ने बताया कि ये व्यवसाय शुरू करके उन्होंने अपने बेटे के लिए प्लेटफॉर्म तैयार कर दिया है। वह चाहती हैं कि आने वाले समय में उनका बेटा इस व्यवसाय को आगे बढ़ाए।