पकड़े गये आरोपियों के साथ पुलिस
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में शुक्रवार को हुए भारी बवाल के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं को पीटने के मामले में नामजद अंकित यादव, धीरज यादव एवं ऋषभ, शैलेंद्र बसेला, रामनरेश बब्बा समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया। पुलिस अफसरों के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरे खंगालने के साथ अन्य वांछितों को तलाशा जा रहा है। पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सपा छात्रसभा ने बीयू प्रशासन की अनुमति पर कृषि विभाग सभागार में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया था। इसकी भनक लगने पर अभाविप कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान गेट पर अभाविप कार्यकर्ता पूर्व विधायक दीपनारायण यादव से बहस करने लगे। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। अभाविप की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री कांग्रेस नेता प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व विधायक दीप नारायण यादव समेत 11 नामजद और दो सौ अज्ञात पीडीए कार्यकर्ताओं के खिलाफ दंगा भड़काने समेत कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार को पुलिस ने अलग-अलग जगहों से पांच नामजद समेत अनस खान, त्रिवेंद यादव, बॉबी यादव एवं पुष्पेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। एसपी सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि औपचारिकता पूरी करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज में छिपा सारा सच
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हंगामे की शुरूआत दोपहर करीब एक बजे से ही शुरू हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शी छात्रों का कहना कार्यक्रम के दौरान ही एबीवीपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने कृषि विभाग पहुंचकर हंगामा करने की कोशिश की लेकिन, वहां सपा कार्यकर्ता भारी पड़े। इसके बाद विश्वविद्यालय गेट नंबर एक पर बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता जुट गए। यहां सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की हरकतें इसमें दर्ज हैं। पुलिस ने इसकी फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। पुलिस अफसरों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से सभी की पहचान की जा रही है। उधर, विपक्षी नेताओं ने भी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच करने के साथ ही उसे सार्वजनिक करने की मांग की है।