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Jhansi: 192 बालक व 124 बालिका को आरपीएफ ने दिया संरक्षण, गुमशुदा बच्चों को चाइल्ड लाइन के साथ घर भेजा

Thu, 19 Feb 2026 09:19 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

ट्रेनों एवं प्लेटफार्म पर लावारिस, गुमशुदा मिलने वाले बच्चों से पूछताछ के बाद आरपीएफ परिजनों का पता कर उन्हें उनके सुपुर्द करती है।
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आरपीएफ, झांसी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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आरपीएफ ने नन्हे फरिश्ते अभियान के तहत एक साल में 192 बालकों और 124 बालिकाओं को घर पहुंचाया। पीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि ये ऐसे बच्चे हैं जो 18 साल से छोटी उम्र के हैं।
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ट्रेनों एवं प्लेटफार्म पर लावारिस, गुमशुदा मिलने वाले बच्चों से पूछताछ के बाद आरपीएफ परिजनों का पता कर उन्हें उनके सुपुर्द करती है। लावारिस बच्चों को संरक्षण दिलाने के लिए चाइल्ड लाइन भी भेजती है। सीनियर कमांडेंट आरपीएफ विवेकानंद नारायण ने बताया कि जनवरी 2025 से जनवरी 2026 तक 18 साल के 192 बालकों तथा 124 बालिकाओं को रेलवे स्टेशनों एवं ट्रेनों से सुरक्षित बचाकर चाइल्ड हेल्पलाइन एवं संबंधित प्राधिकरणों को सुपुर्द किया गया। उन्होंने बताया कि संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल सहायता प्रदान करते हैं। साथ ही बच्चों की काउंसिलिंग कर उनके अभिभावकों से संपर्क स्थापित किया जाता है एवं आवश्यकतानुसार उन्हें बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया जाता है।
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