महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स कर्मियों का भविष्य निधि (पीएफ) अब तक जमा नहीं होने से उनमें फिर आक्रोश पनपने लगा है। कामबंद हड़ताल के दौरान कार्यदायी संस्था ने तय समय तक मानदेय और पीएफ जमा कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बृहस्पतिवार तक यह वादा पूरा नहीं हो सका।
मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर कार्यरत करीब 750 कर्मियों ने 16 जुलाई को मानदेय न मिलने और कई माह का पीएफ जमा न होने के विरोध में कामबंद हड़ताल की थी। शाम करीब पांच बजे कार्यदायी संस्था द्वारा 22 जुलाई तक मानदेय और प्रत्येक कर्मी का पीएफ जमा कराने के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त हुई थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अधिकांश कर्मियों के खातों में मानदेय पहुंच गया है, लेकिन पीएफ की राशि अब तक जमा नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में एक बार फिर नाराजगी बढ़ने लगी है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्था से हुई वार्ता के अनुसार कुछ कर्मियों का मानदेय अभी शेष है, जो बृहस्पतिवार रात तक उनके खातों में पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था ने एक अगस्त तक सभी कर्मियों का पीएफ जमा कराने का आश्वासन दिया है।
400 नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय को नहीं मिला मानदेय
मेडिकल कॉलेज में कार्यरत करीब 400 नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय, तकनीशियन और सोशल वर्कर को जून माह का मानदेय अब तक नहीं मिला है। शुक्रवार को जुलाई माह भी समाप्त हो जाएगा, लेकिन भुगतान नहीं होने से कर्मचारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारियों को स्थिति की जानकारी होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं कराया जा रहा है।