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झांसी: बारिश ने किसानों की मेहनत और लागत पर फेरा पानी, खेतों में बिछ गई धान की फसल, रबी की बोआई पर भी संकट

Fri, 31 Oct 2025 11:02 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

मौसम की मार ने किसानों की मेहनत और लागत पर पानी फेर दिया है। बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम के इस रुख ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। 
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बारिश से जलमग्न खेत - फोटो : बारिश से जलमग्न खेत
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विस्तार
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बेमौसम बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम के इस रुख ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। अधिकतर किसानों की धान की फसल पक कर खेतों में खड़ी है। लेकिन, अचानक तेज हवा के साथ बारिश होने की वजह से धान की फसलें खेतों में बिछ गईं हैं। जबकि, कटी हुई फसलें भी खेतों में बिखरकर मिट्टी से लथपथ हो गईं हैं। कुछ किसानों ने धान की हार्वेस्टिंग कराकर फसल इकट्ठा कर ली थी, वह भी भीग गई है। मौसम की मार ने किसानों की मेहनत और लागत पर पानी फेर दिया है।
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बुंदेलखण्ड किसान यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान नेता सुरेंद्र सिंह का कहना है कि धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों ने रबी की फसल  चना, मटर, मसूर की बुआई कर दी है। लगातार पानी से खेत तालाब बन गये हैं। बारिश की वजह से किसानों की मेहनत बर्बाद हो चुकी है। खाद और बीज लागत से आर्थिक नुकसान भी हो गया है। उनके पास करीब 30 बीघा जमीन है। बोआई हो चुकी थी लेकिन पानी से सब खत्म हो चुका है। अब सरकार से मुआवजे की गुजारिश है। 

प्रगतिशील किसान धीरेंद्र सिंह सन्यापत ने बताया कि बारिश से धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। खेतों में जलभराव होने की वजह से अगली फसल की बोआई पर भी संकट खड़ा हो गया है। पहले से ही आर्थिक तंगी से गुजर रहे किसानों पर बेमौसम बारिश कहर बनकर टूटी है।
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किसान नेता कंचन राजपूत का कहना है कि बारिश से धान की फसल गिर गई है। मूंगफली की फसल भी बर्बाद हो चुकी है। दैविक आपदा से किसान बुरी तरह टूट चुका है। सरकार से गुजारिश है कि उन लोगों की दुर्दशा की ओर ध्यान दे।
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