सड़क की दयनीय हालत को छिपाने के लिए आनन-फानन टेंडर निकालकर 1.62 करोड़ रुपये से सुधार की रणनीति तय की गई। सितंबर के प्रथम सप्ताह में जारी हुए टेंडर को पूरा माह गुजरने वाला है लेकिन इसमें क्या हुआ यह स्पष्ट नहीं हो सका।
इलाइट चौराहे से ग्वालियर ओवरब्रिज का जीर्णोद्धार फिर अधर में है। मुख्यमंत्री दौरे के मद्देनजर निर्माण के लिए जारी किए गए टेंडर में कोई कार्यवाही न किए जाने से असमंजस की स्थिति है। वहीं, विभाग ने इस सड़क को गड्ढामुक्ति के टेंडर में शामिल करते हुए पैचवर्क कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। ऐसे में टेंडर प्रक्रिया ठंडे बस्ते में आ गई है।
विज्ञापन
शहरी क्षेत्र के ग्वालियर रोड की हालत किसी से छिपी नहीं है। सड़क पिछले छह महीने से खस्ताहाल स्थिति में है। इधर, बारिश से इसकी दशा और भी बदहाल हो गई। कई बार पैचवर्क कराया गया लेकिन वह भी बारिश में टिक नहीं पाया। इसी बीच, झांसी में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित हुआ। सड़क की दयनीय हालत को छिपाने के लिए आननफानन टेंडर निकालकर 1.62 करोड़ रुपये से सुधार की रणनीति तय की गई। सितंबर के प्रथम सप्ताह में जारी हुए टेंडर को पूरा माह गुजरने वाला है लेकिन इसमें कितनी निविदाएं आईं और क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका। दूसरी ओर विभाग ने इस सड़क को गड्ढामुक्ति के टेंडर में शामिल करते हुए इसका पैचवर्क करा दिया।
झांसी लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता राजनाथ गुप्ता ने बताया कि शहरी क्षेत्र में स्थित ग्वालियर मार्ग की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया था। मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर यह कार्य कराया जा रहा था लेकिन दौरा रद्द होने से यह अभी लंबित है। फिलहाल उक्त सड़क पर पैचवर्क कराया गया है।