उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एमसी चौहान ने दावा किया था कि मार्च में झांसी-कानपुर डबल ट्रैक का 21 किलोमीटर हिस्सा (झांसी से पारीछा तक ट्रैक) बन जाएगा और इस पर ट्रेन दौड़ने लगेंगी, पर ऐसा नहीं हो सका। अब उम्मीद है कि जून में ट्रैक चालू होगा। उधर, भीमसेन और ऊसरगांव के बीच काम की सुस्ती पर कंपनी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
झांसी होकर हर रोज पारीछा थर्मल पावर हाउस कोयले से भरी मालगाड़ियां जाती हैं। अभी सिंगल लाइन होने के कारण मालगाड़ियों को निकालते समय अन्य ट्रेनों को रास्ते के स्टेशनों पर खड़ा करना पड़ता है। पारीछा तक डबल ट्रैक शुरू होने पर अन्य ट्रेनों का संचालन तेज हो जाएगा। इसी उद्देश्य का ध्यान रखकर रेल प्रशासन झांसी से पारीछा तक के डबल ट्रैक को जल्दी शुरू करना चाहता है, लेकिन काम की गति के कारण संचालन में देरी होती जा रही है।
दरअसल, पारीछा से झांसी के बीच पटरी बिछाने का काम तो पूरा हो गया है, लेकिन अभी स्टेशन यार्ड के हिस्से में नई लाइन का बनना बाकी रह गया है, जिसके लिए ब्लाक लेकर काम करना होगा। सूत्रों की माने तो इस काम में दो महीने लग जाएंगे। दूसरा, नई लाइन पर इंजन दौड़ाने की परमीशन के लिए फाइन मुख्य सुरक्षा आयुक्त के पास भेजी गई है। मुख्य सुरक्षा आयुक्त की परमीशन और उनके निरीक्षण के बाद ही इंजन दौड़ाया जा सकेगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि झांसी- पारीछा डबल ट्रैक को जल्दी से जल्दी शुरू करने की कोशिश की जा रही है।
कंपनी से जवाब मांगा
झांसी- कानपुर डबल रेल ट्रैक के काम में सुस्ती पर हैदराबाद की एसईडब्लू कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। डबल ट्रैक पर झांसी- भीमसेन के बीच 206 किलोमीटर तक काम होना है। इसकी जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपी गई है। ऊसरगांव से भीमसेन (69 किलोमीटर) तक का 264 करोड़ का काम हैदराबाद की कंपनी एसईडब्लू को सौंपा गया है। इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य जून-2018 तय किया गया है।