इसी तरह, ललितपुर के एक गांव निवासी कृषक ने अपने बेटे के दिल्ली से लौटने पर इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। वहीं, आसपड़ोस के लोग भी विदेश या गैर राज्यों से आने वालों की सूचना कंट्रोल रूम को दे रहे हैं। इन सूचनाओं से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को लोगों की ट्रैकिंग में मदद मिल रही है।
ऐसे लोगों को तुरंत ही क्वारंटीन कर दिया जाता है। वहीं, किसी को भी सर्दी, खांसी, बुखार होता है तो उसे अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाता है। गंभीर मरीजों की कोरोना जांच के लिए सैंपल भेजा जाता है।
ग्रामीणों ने खींची लक्ष्मण रेखा
कोरोना वायरस को हराने के लिए ग्रामीणों ने खुद लक्ष्मण रेखा खींच ली है। बाहर से गांव आने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उनका नाम, पता दर्ज किया जा रहा है। यही नहीं, गांव के प्रधान लोगों से स्क्रीनिंग के बाबत भी पूछताछ कर रहे हैं। जिनकी स्क्रीनिंग नहीं हुई है, उनकी सूचना भी अधिकारियों को दे रहे हैं।