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Jhansi: मुफलिसी के बाद भी हॉकी खेलने का जज्बा, जानिए इस गोल्ड मेडलिस्ट को

Wed, 20 Aug 2025 03:27 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

सौरभ ने एलवीएम मैदान में हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद खेल को निखारने के लिए मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में अभ्यास किया।
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सौरभ आन्नद - फोटो : अमर उजाला
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मुफलिसी और विपरीत परिस्थितियों के बाद भी हॉकी खेलने के जज्बे ने सौरभ आनंद कुशवाहा को नई ऊचांइयों पर पहुंचा दिया। कठिन परिश्रम और खेल प्रतिभा के कारण वह भारतीय जूनियर हॉकी टीम के सदस्य बने।
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झांसी के नई बस्ती आशिक चौराहा निवासी सौरभ के पिता केशवानंद कुशवाहा भजन मंडली में गायक हैं। उन्होंने मुफलिसी और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने बेटे को हॉकी खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। सौरभ ने एलवीएम मैदान में हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद खेल को निखारने के लिए मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में अभ्यास किया।

उनका चयन भारतीय हॉकी टीम में हुआ। उन्होंने 2016 में बांग्लादेश में एशिया कप अंडर-18 में भारतीय टीम में प्रतिभाग किया। इसमें भारत ने स्वर्ण पदक जीता। 2016 में मणिपुर में आयोजित छठी सब-जूनियर राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। 2017 में बंगलूरू और भोपाल में आयोजित सातवीं सब-जूनियर राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में प्रदेश की हॉकी टीम की ओर से भाग लिया। लखनऊ में खेलो इंडिया यूथ गेम्स, बंगलूरू में फाइव साइड सीनियर राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता और भोपाल में आठवीं जूनियर राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में प्रदेश की टीम में प्रतिभाग किया। वर्तमान में बंगलूरू में जूनियर इंडिया कैंप में भाग ले रहे हैं।
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