मऊरानीपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत ककवारा विकास योजनाओं के धरातल पर उतरने का इंतजार कर रही है। यहां बिजली का संकट है और पानी की भी समस्या बनी हुई है। सड़कों की दशा खराब है। इसके अलावा ग्रामीणों की अन्य सुविधाओं की भी दरकार है।
मऊरानीपुर विकासखंड से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत ककवारा के मजरा सिद्धपुरा में देश की आजादी के बाद से अब तक लाइट नहीं पहुंची है। यहां के निवासी अब भी लालटेन युग में जीने को मजबूर हैं। शाम होते ही गांव के घरों में मोमबत्ती व लालटेन जल जाती हैं। इन हालातों में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ ग्रामीणों के रोजमर्रा के काम भी प्रभावित बने रहते हैं।
खेल का मैदान और बरात घर की कमी
जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायत में पाइपलाइन डाली गई है, लेकिन अब तक लोगों को नलों से पानी नहीं मिल पाया है। ग्राम पंचायत की आबादी पानी लिए हैंडपंपों पर ही निर्भर बनी हुई है। इसके अलावा पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गईं सड़कों की काम पूरा होने के बाद सही ढंग से मरम्मत भी नहीं की गई, जिससे ज्यादातर सड़कें क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। वहीं, ककवारा से ग्राम पंचायत के मजरे बिहटा तक रास्ता ही नहीं बना है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्राम पंचायत में बिजली की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। ग्रामीणों को ग्राम पंचायत में खेल मैदान और सामुदायिक बरात घर की कमी खलती है। जबकि, आबादी के लिहाज से ग्राम पंचायत में एक और श्मशानघाट की दरकार है।
एक नजर में...
ग्राम पंचायत का नाम- ककवारा
ग्राम पंचायत में शामिल मजरे- सिद्धपुरा, गुल्लिया व बिहटा
ग्राम पंचायत की आबादी- 8000
ग्राम पंचायत में मतदाताओं की संख्या- 5000
यह है समस्याएं
ग्राम पंचायत में सड़कों की दशा है खराब।
लोगों को अब तक नहीं मिल पाया नलों से पानी।
सिद्धपुरा मजरे का अब तक नहीं हो सका विद्युतीकरण।
बिजली की भी बनी रहती है आवाजाही।
बीते चार साल की उपलब्धियां
20 सीसी सड़कों का हुआ निर्माण, पंचायत भवन का हुआ कायाकल्प।
आठ हैंडपंप और 10 स्ट्रीट लाइट लगीं, आरआरसी सेंटर की हुई स्थापना।
स्कूल में सीसीटीवी कैमरे व वाटर कूलर लगा।
ओपन जिम की हुई स्थापना, आंगनबाड़ी केंद्र का हुआ कायाकल्प।