रिश्तों को मोह से बांधने वाले धागे टूटते जा रहे हैं। पिछले कुछ माह के दौरान घटी घटनाएं इसकी ताकीद करती हैं। कहीं संपत्ति मिलने के लालच में बहू ने सास का कत्ल करा दिया तो कहीं मामूली बात पर नाराज होकर बाबा ने ही अपने मासूम बेटे का गला घोंट दिया। दरकते रिश्तों की वजह से ही जवान बेटा भी अपने मां-बाप की जान लेने से नहीं हिचकता। जिन रिश्तों के दम पर हम खुद को सुरक्षित महसूस करते थे, अब उन्हीं से सुरक्षा की दरकार है। ऐसे में लोगों का अपनों से भरोसा उठना लाजिमी है।
पिछले कुछ समय के भीतर जनपद में हुईं कई आपराधिक घटनाओं में अपनों का ही हाथ निकला। जिसने शहरवासियों को दहला दिया। हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस के भी पसीने छूटते रहे, लेकिन जब खुलासा हुआ तो सभी चौंक गए। किसी ने अवैध संबंध में तो किसी ने शक में हत्या कर दी। किसी को जरा सी बात नागवार गुजरी तो किसी ने प्रॉपर्टी के विवाद में अपनों को हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दी। ऐसे कई मामले लंबे समय तक सुर्खियां बने रहे। कुछ परिवार तो बिखर कर बर्बादी की कगार पर भी पहुंच गए।
बाबा ने गला घोंटकर कर दी पोते की हत्या
चार अक्टूबर को लहचूरा के चकारा गांव निवासी सरवन ने अपने आठ साल के मासूम पोते मुकेश की गला घोंटकर हत्या कर दी। मुकेश का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने बाबा सरवन की इजाजत के बगैर उसकी जेब से सौ रुपये निकाल लिए थे। इस बात ने सरवन को इतना नाराज किया कि उसने अपने इकलौते पोते का ही गला घोंट डाला।
बहन का घोंट दिया गला
8 अगस्त को गरौठा के चंदापुर गांव निवासी अरविंद ने अपनी बहन पुच्चू (18) एवं उसके प्रेमी विशाल की गला घोंटकर हत्या कर दी। भाई अपनी बहन के प्रेम संबंध से नाराज था। इस वजह से उसने हत्या कर दी।
संपत्ति के लालच में बहू ने सास की करा दी हत्या
टहरौली थाना क्षेत्र के कुम्हरिया गांव में 22 जून को संपत्ति के लालच में आकर छोटी बहू पूजा ने सुशीला सिंह की हत्या अपनी ही बहन एवं उसके प्रेमी की मदद से करा दी। हत्या के बाद शातिर पूजा अपने मायके चली गई। हालांकि, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पबजी खेलने से मना करने पर मां-पिता की ले ली जान
नवाबाद के पिछोर मोहल्ले में दो साल पहले पबजी खेलने से मना करने से नाराज बेटे अंकित ने अपने प्रधानाचार्य पिता लक्ष्मी प्रसाद झा (58) एवं मां विमला (55) की तवे से पीट-पीटकर हत्या कर डाली। वह परिवार का इकलौता बेटा था।
इनका यह है कहना
मनोचिकित्सक डॉ. राजीव मलिक ने बताया कि परिवार के सदस्यों के बीच समन्वय की कमी एक बड़ी समस्या के रूप में उभरने लगी है। इसके साथ ही एकल परिवार का चलन भी बढ़ा है। परिवार के सदस्यों में मनमुटाव या विवाद की स्थिति में कोई समझौता कराने वाला नहीं मिलता।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि धन, जमीन और अन्य लालच की वजह से आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। इन मामलों में लोग नाते व रिश्ते को भूल जाते हैं। लोगों को अपनी विचारधारा बदलनी चाहिए, तभी अपराध रुकेगा। पारिवारिक रंजिश पर नजर रखने के लिए पुलिस भी काम करेगी।