जरूरतमंदों को अब बिना रक्तदाता के ही मेडिकल कॉलेज के रक्तकोष से रक्त, प्लाज्मा व प्लेटलेट्स मिल सकेगा। हालांकि, निजी अस्पताल में भर्ती रोगियों को रक्त की जांच के 1050 रुपये, जबकि प्लेटलेट्स व प्लाजा के 300 रुपये देने होंगे। वहीं, सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को कोई शुल्क नहीं देना होगा।
मेडिकल कॉलेज के रक्तकोष से मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व महिला जिला अस्पताल में भर्ती रोगियों को रक्त दिया जाता है। मांग ज्यादा होने से रक्तकोष में रक्त की अधिकतर कमी रहती थी। इसलिए रक्तदाता होने पर ही रक्तकोष से रक्त दिया जाता था। वहीं, निजी अस्पताल में भर्ती रोगियों को रक्त के लिए भटकना पड़ता था। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती रोगियों को बिना जांच खर्च व रक्तदाता के रक्त दिया जाता है।
17 सितंबर से दो अक्तूबर तक सेवा पखवाड़ा चल रहा है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज का रक्त कोष विभाग सरकारी संस्थानों में शिविर लगवा रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि कोष में रक्त प्रचुर मात्रा में हो गया है। अब मेडिकल कॉलेज ने सरकारी ही नहीं निजी अस्पतालों में भर्ती रोगियों को भी बिना रक्तदाता के खून देने का फैसला लिया है। यह सुविधा दो अक्तूबर तक जारी रहेगी। यदि रक्त पर्याप्त रहता है तो तिथि आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
रक्त कोष प्रभारी डॉ. एमएल आर्या ने बताया कि शुक्रवार को प्रचुर मात्रा में रक्त होने की वजह से निजी अस्पतालों में भर्ती रोगियों के लिए भी रक्त देने का फैसला लिया गया है। फिलहाल दो अक्तूबर तक रक्तदाता को लाना जरूरी नहीं है।