फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का कहर : बुंदेलखंड में रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए हाहाकार, बिगड़ सकते हैं हालात

Fri, 09 Apr 2021 03:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

  • एडवांस बुकिंग के बाद भी नहीं मिल पा रहे  
  • सातों जनपदों में हर दिन 100 इंजेक्शन की मांग, एक-एक के लिए मची मारामारी 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुंदेलखंड में रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए हाहाकार मचा हुआ है। एडवांस बुकिंग के बाद भी लोगों को इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते बुंदेलखंड में रोज 100 इंजेक्शन की मांग है, लेकिन इतनी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मरीजों के परिजन एक से दूसरे मेडिकल स्टोर पर भटक रहे हैं। हर जगह से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। 

विज्ञापन


कोरोना के हाई रिस्क वाले मरीजों को तुरंत ही रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया जाता है। मार्च के अंतिम सप्ताह से बढ़ रहे मरीजों के कारण इसकी मांग बढ़ी हुई है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीजों को ही हर दिन 35 से 40 इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है। वहीं, बुंदेलखंड के अन्य छह जिलों में भी रोज 60-65 इंजेक्शन की मांग है, मगर एक-एक इंजेक्शन को लेकर मारामारी है। हाल ये है कि मरीज के परिजन इंजेक्शन के लिए सिफारिशें तक करा रहे हैं। 

तड़के आए 20 इंजेक्शन, हाथों-हाथ बिक गए 
झांसी में बृहस्पतिवार को तड़के साढ़े तीन बजे लखनऊ से एक बड़े मेडिकल स्टोर संचालक ने 20 इंजेक्शन मंगवाए, जो कि हाथों-हाथ बिक गए। मेडिकल कॉलेज प्रशासन समेत मेडिकल स्टोर संचालकों तक ने अपनी मांग भेजी, मगर इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा है। जनवरी से पहले दुकानदारों के पास पर्याप्त स्टाक था, लेकिन जनवरी और फरवरी में मरीज कम होने के कारण यह इंजेक्शन कम बिके। इनके कालातीत होने की अवधि तीन माह होती है। ऐसे में लगभग दस लाख के इंजेक्शन खराब हो गए।
विज्ञापन

  
बाजार में मांग के अनुसार रेमडेसिविर इंजेक्शन की काफी कमी है। मांग भेजी जा चुकी है, लेकिन एक-एक इंजेक्शन बड़ी मुश्किल से मिल पा रहा है।  खरीददारों की लाइन लगी हुई है।
विज्ञापन

- सुभाष बाजपेयी, डायरेक्टर, ओम भद्रकाली मेडिसिन हाउस।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें