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Jhansi: परीक्षा काम आई न फटकार, आईजीआरएस रैंकिंग पचास पार, दो महीने में 20 पायदान पिछड़ गया

Sat, 14 Mar 2026 09:30 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क

सार

इस बार एक से 28 फरवरी तक शासन स्तर से जनपद के 1710 फीडबैक लिए गए, जिसमें 608 ने असंतोषजनक फीडबैक दिया है, जो कि लगभग 35 फीसदी है। इसमें झांसी को 30 में 19 अंक प्राप्त हुए हैं।
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आईजीआरएस पोर्टल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईजीआरएस रैंकिंग सुधारने के लिए परीक्षा कराने से लेकर बैठकों में डीएम की ओर से अफसरों के पेच कसना भी काम नहीं आया है। 75 जिलों वाले उत्तर प्रदेश में झांसी की रैंकिग इस बार पचास के भी पार पहुंच गई है। फरवरी की रैंकिंग में जिले को 51वां स्थान मिला है।
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आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) पोर्टल के जरिये आमजन ऑनलाइन शिकायतें दर्ज करते हैं। इनके निस्तारण के लिए समयसीमा भी शासन ने तय की है। शिकायतों की जांच संबंधित अधिकारी को मौके पर जाकर करती होती है। फिर शासन स्तर से भी शिकायतों के निस्तारण के लिए फीडबैक लिया जाता है। इसी फीडबैक में झांसी के विभागों की ओर से गुणवत्तापूर्ण शिकायतों के निस्तारण के दावे की कलई लगातार खुल रही है। स्थिति ये है कि जनपद की रैंकिंग दो महीने में 20 पायदान फिसल गई है। बताया गया कि इस बार एक से 28 फरवरी तक शासन स्तर से जनपद के 1710 फीडबैक लिए गए, जिसमें 608 ने असंतोषजनक फीडबैक दिया है, जो कि लगभग 35 फीसदी है। इसमें झांसी को 30 में 19 अंक प्राप्त हुए हैं।


18 विभागों का शत-प्रतिशत फीडबैक असंतोषजनक
शासन स्तर से लिए गए फीडबैक में 18 विभागों का शत-प्रतिशत फीडबैक असंतोषजनक मिला है। जबकि, 14 विभाग ऐसे हैं, जहां 85 फीसदी से लेकर 61 प्रतिशत शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं मिले हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिकायतों के निस्तारण में झांसी के अफसर कितनी गंभीरता दिखा रहे हैं।
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यूं फिसल रही झांसी की रैंकिंग
माह रैंक
दिसंबर 31
जनवरी 48
फरवरी 51

इनका यह है कहना
जिले की आईजीआरएस रैंकिंग सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब जिलाधिकारी के निर्देशानुसार विभागीय अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के लिए दोबारा प्रशिक्षित कराया जाएगा। आगामी रैंकिंग में सुधार होगा। - योगेंद्र कुमार, प्रभारी अधिकारी, आईजीआरएस।
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