नवाबाद थाना प्रभारी जेपी पाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सहारे हो रहे फर्जीवाड़े का शिकार हो गए। आरोप है उनकी आवाज की नकल करके दुर्घटना एवं मारपीट के एक मामले में एक पक्ष को धमकाते हुए समझौता का दबाव बनाया गया। जांच में ऑडियो फर्जी निकला, लेकिन ऑडियो को देव मीडिया नामक यू ट्यूब चैनल ने प्रभारी निरीक्षक का बताकर वायरल कर दिया। इसके वायरल होने से महकमे में हड़कंप मच गया। नवाबाद थाने में फर्जी ऑडियो चलाने के आरोप में यू ट्यूब संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई।
समझौता न करने पर दी गईं गालियां
तीन नवंबर को पालर निवासी ट्रांसपोर्टर प्रेमनारायण कुशवाहा ने हादसे एवं मारपीट के आरोप में शिवम प्रजापति, गंगाराम प्रजापति के खिलाफ नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बृहस्पतिवार को प्रेमनारायण को फोन करके उनको समझौता करने का दबाव बनाया गया। फोन करने वाले ने खुद को नवाबाद थाना प्रभारी बताया। ट्रांसपोर्टर प्रेमनारायण ने 6:37 मिनट एवं 2:12 मिनट लंबी दो कॉल को रिकॉर्ड कर लिया। दोनों कॉल रिकॉडिंग में प्रेमनारायण से समझौता करने को कहा जा रहा था। उनके इन्कार करने पर गालियां दी गईं।
वायरल करने पर यू ट्यूबर पर मुकदमा
थाना प्रभारी जेपी पाल ने इसमें अपनी आवाज होने से इन्कार करते हुए इसे एआई की मदद से बना बताया। इसे देव मीडिया नामक यू ट्यूब चैनल पर नवाबाद थाना प्रभारी के नाम से चला दिया गया। फेसबुक पर अपलोड कर दिया गया। कॉल रिकॉडिंग वायरल होने से हड़कंप मच गया। इसके बाद नवाबाद थाने के साइबर सेल में तैनात उपनिरीक्षक अंकुर सिंह ने यू ट्यूब चैनल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी। सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करके मामले की आगे भी छानबीन कराई जा रही है।