छानबीन में मालूम चला कि जिस 6-आर प्रपत्र पर परशुराम की मसूर की खरीद की गई थी, उसमें कई अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए थे। यह फर्जी 6-आर प्रपत्र रिंकू ने खुद उसके घर जाकर थमाई थी। इसका खुलासा होने के बाद से रिंकू फरार है।
सरकारी क्रय केंद्र पर उल्दन के दरवटयांऊ गांव निवासी परशुराम ने 73 बोरी मसूर बेची थी। इसका पैसा अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर करके जालसाज ने हड़प लिया। पीड़ित किसान ने जालसाज के खिलाफ सीपरी बाजार थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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उल्दन निवासी परशुराम ने पुलिस को बताया कि 29 अप्रैल को वह भोजला मंडी में खुले सरकारी क्रय केंद्र में 73 बोरी मसूर बेचने पहुंचा था। इसका मूल्य 244550 रुपये था। मसूर बेचने के बाद उसने क्रय केंद्र में अपना खाता नंबर दर्ज करा दिया। चौबीस घंटे के अंदर पैसा खाते में भेजने की बात कही गई थी। दो दिन बाद भी जब पैसा नहीं आया तो वह क्रय केंद्र पहुंचा। मसूर उसने उल्दन निवासी दीपचंद उर्फ रिंकू के माध्यम से बेची थी। जब उसने दीपचंद्र से पैसा दिलाने को कहा तब वह बहाने बनाने लगा। इसके बाद वह शिकायत लेकर मंडी अधिकारियों के पास पहुंचा। उन्होंने जब 6-आर प्रपत्र की जांच की, तब वह फर्जी निकला।
छानबीन में मालूम चला कि जिस 6-आर प्रपत्र पर परशुराम की मसूर की खरीद की गई थी, उसमें कई अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए थे। यह फर्जी 6-आर प्रपत्र रिंकू ने खुद उसके घर जाकर थमाई थी। इसका खुलासा होने के बाद से रिंकू फरार है। सीओ लक्ष्मीकांत गौतम के मुताबिक आरोपी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू करा दी गई है।