फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: दो दिन तक इलाज न मिलने से मरीज ने तोड़ा दम, डॉक्टरों ने नाबालिग बेटे से सहमति लेकर कर दी थी छुट्टी

Mon, 09 Jun 2025 04:42 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

Jhansi Medical College News: झांसी मेडिकल कॉलेज से शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां दो दिन तक इलाज न मिलने से मरीज ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने पांच जून को नाबालिग बेटे से सहमति लेकर वार्ड से छुट्टी कर दी थी। 
विज्ञापन
झांसी मेडिकल क़लेज में भर्ती मरीज के नाबालिग बेटे से लिखवाया गया सहमति पत्र। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Jhansi TB patient death: झांसी में मेडिकल कॉलेज में रविवार को मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। डॉक्टरों ने वार्ड नंबर छह में भर्ती उरई निवासी सुनील गुप्ता की चिंताजनक हालत में नाबालिग बेटे से सहमति लेकर पांच जून को छुट्टी कर दी। 
विज्ञापन


कॉलेज परिसर के आश्रय स्थल में ही टीबीग्रस्त मरीज दो दिन तक पड़ा रहा, लेकिन इलाज न मिलने की वजह से शनिवार की रात तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इस मामले की जानकारी मिलते ही आननफानन में कॉलेज प्रशासन ने जांच टीम गठित कर दी है। तीन जूनियर डॉक्टरों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है।

मूलरूप से उरई के तुलसी नगर निवासी सुनील गुप्ता (45) क्षय रोग (टीबी) से पीड़ित थे। उनकी तीन जून को हालत बिगड़ गई। सुनील को पत्नी पिंकी गुप्ता अपने 11 वर्षीय पुत्र वंश गुप्ता व चार वर्षीय बेटी के साथ मेडिकल कॉलेज में लेकर आई। इमरजेंसी के डॉक्टरों ने उपचार के बाद सुनील को वार्ड नंबर छह में भर्ती करा दिया।
विज्ञापन


मिन्नतें करता रहा नाबालिग बेटा लेकिन डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा
चार जून को पिंकी अपनी बेटी के साथ लापता हो गई। उधर, परेशान वंश अपने पिता की सेवा करने के साथ मां को भी तलाशता रहा। पांच जून को डॉक्टरों ने सुनील को घर ले जाने के लिए कहा। 

पिता की चिंताजनक हालत देख वंश ने डॉक्टरों से पिता का इलाज जारी रखने और घर न भेजने की मिन्नतें कीं, लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा। उल्टा अपने बचाव के लिए नाबालिग से सहमति पत्र लिखवाकर अंगूठे का निशान भी लगवा लिया। इसके बाद पिता-पुत्र को वार्ड से बाहर कर दिया गया।
विज्ञापन

नाबालिग की सहमति से गंभीर हाल में रोगी को डिस्चार्ज करने के मामले में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।- मयंक सिंह, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें