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बिना गाड़ियों के हो रही झांसी और ललितपुर के जंगलों की निगरानी

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झांसी। झांसी और ललितपुर क्षेत्र में फैले जंगलों, पशुओं व औषधीय पौधों की निगरानी करने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों के पास पर्याप्त चार पहिया वाहन नहीं है। ऐसे में वन विभाग के कर्मचारियों को जंगल की निगरानी करने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में झांसी के पांच रेंजों व ललितपुर में सिर्फ तीन रेंजों पर ही चार पहिया वाहन है। दोनों जिलों में कुल 15 रेंज है।
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झांसी में 33464.952 हेक्टेयर व ललितपुर में 74611.510 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जंगल फैला हुआ है। इन जंगलों में सफेद मूसली, चिरौंजी, शीशम, सागौन, तेंदू पत्ता, नीम, आम, अर्जुन, महुआ, इमली, केथा, आंवला व कई तरह की जड़ी बूटियों सहित विभिन्न प्रजातियों के कीमती पेड़-पौधे लगे हुए हैं। विभाग द्वारा जंगलों की निगरानी के लिए दायरा तय करते हुए झांसी में झांसी रेंज, चिरगांव, भुजौंद, बबीना, गुरसराय, बामौर और मऊरानीपुर में रेंज हैं। जबकि ललितपुर में ललितपुर रेंज, मड़ावरा, गोना, बार, महरौनी, जखौरा, तालबेहट और माताटीला में रेंज को स्थापित किया गया है। लेकिन झांसी के बबीना व भुजौंद के पास मौजूद चार पहिया वाहन पुराने होने के कारण कंडम घोषित कर दिए गए है। जिसके चलते वर्तमान में इन रेंजों के पास एक भी चार पहिया वाहन नहीं हैं। जबकि ललितपुर की आठ रेंजों में से सिर्फ मड़ावरा, गोना और ललितपुर रेंज पर ही चार पहिया वाहन है। वाहनों की कमी होने के कारण जंगलों की निगरानी भगवान भरोसे ही है।
इस संबंध में वन संरक्षक बीआर अहिरवार ने बताया कि कई रेंजों में चार पहिया वाहन नहीं हैं। विभाग के आला अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया गया है। विभाग द्वारा चार पहिया वाहनों की जानकारी मांगी गई है। जल्द ही वाहनों की कमी को दूर किया जाएगा।
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