हरित पट्टी पर अवैध खनन हुआ दनादन
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झांसी। कमिश्नर के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पीछे पहाड़ी का निरीक्षण किया तो वहां बड़े पैमाने पर अवैध खनन का खेल सामने आया। इस दौरान कुछ कब्जेदारों ने दस्तावेज दिखाकर खनन की जाने वाली भूमि को खुद का बताया, लेकिन बीयू अधिकारियों ने सबूत सहित दिखाया कि यह जमीन तो हरित पट्टी के लिए आवंटित है। एसडीएम ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद पहाड़ी से जुड़े सभी दस्तावेज की जांच के निर्देश दे दिए हैं।
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय के पीछे वाली पहाड़ी पर अवैध खनन पिछले साल शुरू हुआ था। तब तत्कालीन कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने सक्रियता दिखाते हुए शासन, प्रशासन से पत्राचार कर अवैध खनन रुकवा दिया था। अब कुछ महीने पहले ही भूमाफियाओं और दबंगों ने पुलिस और प्रशासन को धता बताते हुए डंके की चोट पर अवैध खनन फिर शुरू कर दिया। मंगलवार को मामला संज्ञान में आने के बाद कमिश्नर ने काम बंद करवाने के निर्देश जारी कर दिए। बुधवार को अवैध खनन रुकवा दिया गया था। हालांकि, इसके बावजूद मौके पर माफियाओं के गुर्गे और मजदूर मौके पर जमे रहे। बृहस्पतिवार को एसडीएम चंदन कुमार पटेल, सिटी मजिस्ट्रेट भगवान शरण, खनन अधिकारी समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों का काफिला देखकर अवैध खनन में लगे लोग भागने लगे। पुलिस ने कुछ लोगों को दबोच लिया। पूछताछ में माफियाओं के गुर्गे नजरी-नक्शा दिखाकर खुद को सही ठहराने लगे। इस पर बीयू अधिकारियों की ओर से भी दस्तावेज दिखाए गए, तो पता चला कि पहाड़ी हरित पट्टी है। इसलिए इस पर कोई निर्माण नहीं कराया जा सकता। एसडीएम ने सभी दस्तावेजों की जांच कराने के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही खनन में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रैक्टर पुलिस को जब्त करने के निर्देश दिए। पुलिस दो ट्रैक्टर जब्त कर चौकी ले आई। अब अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण में बीयू अधिकारियों ने हरित पट्टी होने के दस्तावेज दिखाए हैं। इसका सत्यापन जेडीए से करवाया जाएगा। दूसरे पक्ष द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों की सत्यता भी पता करवाई जा रही है। खनन अधिकारी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - चंदन कुमार पटेल, एसडीएम