झांसी। झांसी- कानपुर रेल लाइन दोहरीकरण के लिए इस रेल बजट में चार सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि बजट के कारण कार्य की गति धीमी न हो। पिछले रेल बजट में दोहरीकरण कार्य के लिए दो सौ करोड़ का प्रावधान किया गया था।
रेल बजट 2013-14 में झांसी- कानपुर रेल लाइन दोहरीकरण के लिए 817 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। इससे झांसी- भीमसेन के बीच 206 किलोमीटर की दूसरी रेल लाइन डालने का काम होना है। इस योजना को मार्च 2018 में पूरा किया जाना प्रस्तावित है। रेल मंत्रालय ने वर्ष 2012 में इस लाइन के सर्वे को एक करोड़ रुपये दिया था।
इसके बाद वर्ष 2013 के रेल बजट में बीस करोड़ रुपये, वर्ष 2014 के फरवरी में घोषित अंतरिम बजट में बीस करोड़, जुलाई 2014 में पेश बजट में दस करोड़ व वर्ष 2015 के बजट में दो सौ करोड़ रुपये दिए गए थे। इस बजट में चार सौ करोड़ का और प्रावधान किया गया है।
कार्य पूर्ण कराने की जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड को सौंपी गई है। रेल विकास निगम लिमिटेड ने यह काम देश की नामी तीन कंपनियों को सौंपा है। झांसी से एरच रोड स्टेशन (66 किलोमीटर) तक का 265 करोड़ का काम मुंबई की कंपनी जीएमआर को सौंपा गया है। एरच रोड से ऊसरगांव (70 किलोमीटर) तक का 288 करोड़ का काम बंगलूरू की कंपनी केईसी व ऊसरगांव से भीमसेन (69 किलोमीटर) तक का 264 करोड़ का काम दक्षिण भारत की कंपनी एसईडब्लू को सौंपा गया है।