परीक्षा से पहले वेरिफिकेशन और प्रवेश पत्र जारी करने के बदले में आरोपी अनुदेशक छात्रों से 5-5 हजार रुपये मांग रहीं थी। सौदा तीन-तीन हजार में तय हुआ। इसके बाद छात्रों की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर महिला कर्मचारी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
मऊरानीपुर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में तैनात महिला अनुदेशक रेनू वर्मा को भ्रष्टाचार निवारण टीम ने छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया।
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प्रवेश पत्र जारी करने के बदले ले रहीं रुपये
कोतवाली के गुदरी मोहल्ला निवासी रेनू वर्मा अनुदेशक पद पर तैनात हैं। वह मैकेनिकल कंज्यूमर, आईसीटीसीएम ट्रेड प्रभारी हैं। प्रथम वर्ष के दो छात्रों ने एंटी करप्शन शाखा में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि सीबीटी परीक्षा से पहले वेरिफिकेशन और प्रवेश पत्र जारी करने के बदले छात्रों से 5-5 हजार रुपये मांगा जा रहा था। छात्रों के इतना पैसा देने से मना करने पर 3 हजार रुपये प्रति छात्र पर अनुदेशक रेनू राजी हो गई। छात्रों ने घूस मांगे जाने की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन से कर दी। एंटी करप्शन टीम ने पुष्टि के बाद अनुदेशक को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
पैसे लेते ही एंटी करप्शन ने पकड़ा
शुक्रवार दोपहर छात्रों को घूस की रकम के साथ भेजा गया। करीब 11:22 बजे, दोनों छात्र आईटीआई परिसर के प्रथम तल स्थित वर्कशॉप में छह हजार रुपये अनुदेशक रेनू के हाथों में सौंप दिए। जैसे ही रेनू के हाथ में पैसे आए टीम ने तत्काल दबिश देकर महिला अनुदेशक को पकड़ लिया। अनुदेशक के पकड़े जाते ही आईटीआई परिसर में खलबली मच गई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के हाथ धुलवाए गए। रसायन के प्रभाव से उसके हाथ गुलाबी हो गए। महिला अनुदेशक को टीम गिरफ्तार करके मऊरानीपुर थाने लाई।
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प्राथमिकी दर्ज कर भेजा जेल
सीओ (मऊरानीपुर) जितेंद्र सिंह के मुताबिक आरोपी महिला अनुदेशक के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। यहां से एंटी करप्शन टीम उसे लेकर झांसी पहुंची। लिखा-पढ़ी के बाद महिला अनुदेशक को जेल भेज दिया गया।