झांसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को झांसी योग के रंग में रंगा नजर आया। रानी लक्ष्मीबाई के ऐतिहासिक किले की तलहटी स्थित मैदान में आयोजित योग शिविर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग किया और लोगों को निरोगी जीवन का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग की परंपरा आदियोगी भगवान शिव से शुरू हुई थी। ऋषि-मुनियों ने इसे साधना और जीवन पद्धति के रूप में पूरी दुनिया तक पहुंचाया। एक समय ऐसा भी आया जब हम अपनी इस विरासत से दूर हो गए थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत फिर अपनी सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व कर रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि 21 जून महत्वपूर्ण तिथि है। इस दिन सूर्य का सबसे अधिक सानिध्य मिलता है। ऋषि परंपरा में प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की बात कही गई है। जिस प्राणी और वनस्पति को जितना अधिक सूर्य का प्रकाश मिलता है, वह उतना ही विकसित, ऊर्जावान और क्षमतावान बनता है। सूर्य हमारी जीवंतता का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में ऋतु परिवर्तन के समय ऊर्जा का विशेष महत्व माना गया है। बसंत और शारदीय नवरात्र इसी ऊर्जा के काल से जुड़े हैं। इस ऊर्जा को अपने अंत:करण में धारण करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मस्तिष्क वाला विद्यार्थी ही जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है। स्वस्थ शिक्षक ही विद्यार्थियों को संस्कारित कर सकता है, स्वस्थ किसान ही बेहतर कृषि का उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है और स्वस्थ वैज्ञानिक ही देश को नए अनुसंधान दे सकता है।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र का आधार बन सकता है। इसलिए योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर निरोगी जीवन की ओर बढ़ना चाहिए।