संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। निजी टेलीकॉम कंपनियों के टैरिफ बढ़ने के साथ ही कॉल ड्राॅप की समस्या से जूझ रहे उपभोक्ताओं ने एक बार फिर बीएसएनएल पर विश्वास जताया है। पांच माह के भीतर झांसी और ललितपुर में 61 हजार से अधिक उपभोक्ता बढ़े हैं।
दो दशक पहले बीएसएनएल का सिम हासिल करने के लिए कार्यालय के बाहर लंबी कतारें लगती थीं। सिम हासिल करने के लिए राजनेताओं दखल के साथ ही अफसरों तक की सिफारिशें लगाई जाती थीं। निजी कंपनियों के दस्तक देते ही मांग कम होने लगी थी। साथ ही 4जी के दौर में बीएसएनएल 2जी नेटवर्क पर काम कर रहा था।
इस बीच 5जी आया तो बीएसएनएल ने 4जी लॉन्च किया। 3 जुलाई से निजी टेलीकॉम कंपनियों के मासिक रिचार्ज प्लान बढ़े तो उपभोक्ताओं ने एक बार फिर भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) की ओर रुख किया। 23 अक्तूबर को बीएसएनएल ने लोगो बदला और कनेक्टिंग इंडिया की जगह कनेक्टिंग भारत को अपनाया।
3 जुलाई से 30 नवंबर तक झांसी और ललितपुर में बीएसएनएल से 61 हजार से अधिक उपभोक्ता जुड़े हैं। इसमें 50 हजार ने नई सिम खरीदी है। 11 हजार से दूसरी कंपनी की सिम को बीएसएनएल में पोर्ट कराया है। अधिकारियों के मुताबिक उपभोक्ताओं की संख्या अभी और बढ़ेगी।
झांसी और ललितपुर में बीएसएनएल के उपभोक्ता बढ़े हैं। शिविरों में दूसरी कंपनियों के उपभोक्ता लगातार बीएसएनएल के टैरिफ प्लान के साथ ही सिम पोर्ट कराने की स्कीम की जानकारी हासिल करने आ रहे हैं। - जेएल गौतम, महाप्रबंधक, बीएसएनएल