झांसी। झांसी से ग्वालियर तक फोरलेन (हाइवे) का निर्माण मार्च में पूरा हो जाएगा। अप्रैल से इस सड़क पर गाड़ियां फर्राटे भरने लगेंगी। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने अस्सी फीसदी काम पूरा कर लिया है। बचा हुआ काम भी तेजी से जारी है।
एनएचएआई ने झांसी से ग्वालियर तक फोरलेन का निर्माण वर्ष 2007 में शुरू किया गया था। 2009 में काम पूरा होना था लेकिन, शुरुआती तेजी के बाद काम धीमा पड़ गया। दो साल की जगह पांच साल निकल गए, लेकिन सड़क तैयार नहीं हो पाई। इसे लेकर एनएचएआई और कंस्ट्रक्शन कंपनी के बीच विवाद शुरू हो गया। मामला न्यायालय में पहुंच गया। नतीजतन, छह साल तक निर्माण बंद पड़ा रहा। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और घुमावदार रास्ते होने की वजह से लोगों का वक्त तो जाया होता ही था, साथ ही दुर्घटना का भी खतरा बना रहता था।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद एनएचएआई ने पिछले साल काम दुबारा शुरू किया था। एनएचएआई ने नई कंस्ट्रक्शन कंपनी को काम की जिम्मेदारी सौंपी थी। झांसी से ग्वालियर के बीच कई स्थानों पर काम तेजी से जारी है। सड़क पर अधूरे खड़े पुल, पुलियों के स्ट्रक्चर को दुरुस्त कर लिए गए हैं। सड़क का निर्माण भी तेजी से जारी है। झांसी से गोराघाट तक अस्सी फीसदी तथा गोराघाट से ग्वालियर तक पचहत्तर फीसदी काम पूरा किया जा चुका है। मार्च में सड़क का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
छह साल में गईं 300 जान
साल 2012 से लेकर 2018 तक लगातार छह साल तक ग्वालियर मार्ग का निर्माण अधूरा पड़ा रहा। इससे इस सड़क पर आवागमन बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया था। एनएचएआई के रिकार्ड के मुताबिक इस अवधि में झांसी से ग्वालियर के बीच छह सौ छोटी - बड़ी सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें तीन सौ से अधिक लोगों की जान गई। साथ ही सैकड़ों लोग घायल हुए।
दतिया जाने के लिए देना होगा टोल
झांसी से दतिया लोगों का दिन भर आवागमन बना रहता है। खासतौर पर शनिवार और रविवार को भारी संख्या में लोग पीतांबरा पीठ जाते हैं। इसके अलावा नवरात्र व त्योहार के दिनों में दतिया भारी भीड़ पहुंचती है। लेकिन, फोरलेन का निर्माण पूरा होने के बाद अप्रैल से सभी को टोल अदा करना होगा। एनएचएआई द्वारा टोल प्लाजा का निर्माण दतिया में केंद्रीय विद्यालय के पास झांसी की ओर आने वाले मार्ग पर किया जा रहा है।
फोरलेन सड़क निर्माण का काम लगभग अस्सी फीसदी पूरा हो चुका है। ज्यादा पुल, पुलियों के स्ट्रक्चर तैयार कर लिए गए हैं। सड़क भी डाल दी गई है। फिनिशिंग का काम ही शेष है। इसे मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। अप्रैल से इस सड़क पर गाड़ियां फर्राटे भरने लगेंगी।
- संजय वर्मा, परियोजना निदेशक - एनएचएआई