कोछा भांवर में हुई चोरी मामले में गिरोह का सरगना दीपक लोहार फरार होने के 36 घंटे बाद ही पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। रविवार रात उससे पुलिस की करगुआ पहाड़ी के पास मुठभेड़ हो गई। पांव में गोली लगने से वह घायल हो गया। उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी हुए सोने-चांदी के जेवरात समेत तमंचा एवं कारतूस बरामद किया है। इस मामले में वांछित पांच बदमाशों को पुलिस अभी तलाश कर रही है।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के मुताबिक कोछाभांवर में हुई चोरी मामले में वांछित बदमाशों से शनिवार आधी रात मुठभेड़ हुई थी। इसमें पुलिस के हाथ दो बदमाश आए लेकिन शिवाजी नगर निवासी एवं गिरोह का सरगना दीपक लोहार भाग निकला था। पुलिस उसे तलाश कर रही थी। रविवार रात उसके करगुआ पहाड़ी के पास होने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर उसे घेर लिया। पुलिस को देख उसने तमंचे से फायर झोंक दिया। पुलिस के जवाबी फायर करने पर एक गोली दीपक के पांव में जा लगी। इसमें वह घायल हो गया। घायल दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने एक प्लेन जंजीर, एक अंगूठी, पायल, बिछिया समेत अन्य जेवर बरामद किए हैं। इस मामले में अभी पांच अन्य आरोपियों को पुलिस तलाशने में जुटी है। पुलिस टीम में नवाबाद थाना प्रभारी संतोष अवस्थी, स्वॉट प्रभारी जितेंद्र तक्खर, मंडी चौकी प्रभारी कुलदीप पंवार, अतीक अहमद समेत अन्य शामिल रहे।
बता दें, 10 जुलाई की रात कोछा भांवर में मेडिकल बाईपास तिराहा निवासी महेंद्र सिंह यादव के बंगले में घुसे चोरों ने घर की आलमारी का ताला तोड़कर नकदी समेत जेवरात उड़ा दिए थे। यह चोरी करीब एक करोड़ रुपये की थी। इस मामले में अब तक काशीराम कॉलोनी निवासी चपारी एवं अंबाबाय निवासी कुट्टू को पकड़ चुकी। पुलिस को पूछताछ में मालूम चला था कि दीपक ने ही सभी को चोरी के लिए यहां बुलाया था। चोरी के बाद सभी यहां से भाग निकले।